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पित्ताशय की पथरी होने के मुख्य लक्षण, कारण और कैसे किया जाता है इलाज ?

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पित्ताशय की पथरी, पित्ताशय में बनने वाले छोटे और कठोर पदार्थ का जमाव होते है, जो अक्सर यकृत के नीचे स्थित एक नाशपाती के आकार के अंग में उत्पन्न होते है | पित्ताशय की पथरी के आकार और संरचना बिलकुल विभिन्न होते है, जो सख्त टुकड़े की तरह होते है और इसका आकार रेत के दाने से लेकर गोल्फ गेंद जितना हो सकता है | पित्ताशय की पथरी को मेडिकल टर्म में कोलेलीथियसिस भी कहा जाता है | आइये जानते है पित्ताशय की पथरी से जुड़े कुछ ज़रूरी बातें :-

 

पित्ताशय की पथरी से जुड़े कुछ ज़रूरी बातें :- 

 

पित्ताशय की पथरी लक्षण, कारण और इलाज की जानकारी

  • पित्ताशय की पथरी, पित्त में मौजूद रासायनिक संरचना में हुए असंतुलन के कारण बनता है | 
  • अधिकतर मामलों में जब पित्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी अधिक हो जाता है तो इससे अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल पथरी में तब्दील हो जाते है | 
  • अगर आपका वजन नियमित रूप से अधिक है या फिर आप मोटे है तो, इससे पित्ताशय की पथरी होने का खतरा सबसे अधिक हो जाता है | 
  • जिन महिलाओं की उम्र 40 या फिर इससे भी अधिक होती है तो उसे भी पित्ताशय की पथरी होने की संभावना सबसे अधिक होती है | 
  • ज्यादातर मामलों में पित्ताशय की पथरी पीड़त व्यक्ति के लिए किसी भी तरह के रुकावट को उत्पन्न नहीं करता है और यह आमतौर दर्द से रहित होता है |  
  • यदि पित्ताशय की पथरी होने के लक्षण दिखायी देते है तो इलाज के तौर पर डॉक्टर पित्ताशय की थैली को हटाने की सर्जरी करने की सलाह दे सकता है | 
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पित्ताशय की पथरी, बाकि पथरी की तुलना में सबसे कम लक्षण और समस्या को उत्पन्न करता है, जिससे मेडिकल टर्म में साइलेंट गॉलब्लैडर स्टोन भी कहा जाता है  | यदि आपको पित्ताशय की पथरी से अधिक परेशानी होने का आभास हो रहा है तो बेहतर यही है कि इलाज के लिए आप तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श करें | इसके लिए आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | आइये जानते है पित्ताशय की पथरी होने के मुख्य लक्षण एवं कारण क्या है | 

 

पित्ताशय की पथरी के मुख्य लक्षण 

वैसे तो पित्ताशय की पथरी से पीड़ित बहुत से व्यक्तिओं को कुछ खास लक्षणों से सामना नहीं करना पड़ता और कई बार तो उन्हें इस बात का पता ही नहीं लगता की उनके पित्ताशय में पथरी है भी या फिर नहीं | हालांकि जब इससे जुड़े लक्षण सामने आते है तो वह काफी असहज होते है | पित्ताशय की पथरी से सबंधित लक्षणों में शामिल है, पेट के ऊपर दाहिनी हिस्से में या फिर कंधे के नीचे अचानक से तीव्र दर्द होने लग जाता है, जो अक्सर वसायुक्त भोजन के बाद अहसास होता है | यह दर्द मतली, उलटी, सूजन और अपच जैसी समस्या के साथ उत्पन्न हो सकता है, जिसे पित्त संबंधी शूल के रूप से भी जाना जाता है | पीलिया एक ऐसी समस्या है, जो आँखों में त्वचा के रंग में हुए पीलेपन के रूप से जाना जाता है, यह तब होता है जब कोई पथरी पित्त की नली को अवरुद्ध कर देती है |      

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पित्ताशय की पथरी के मुख्य कारण  

पित्त की पथरी का निर्माण अक्सर कोलेस्ट्रॉल, पित्त में मौजूद लवण और बिलीरुबिन में हुए असंतुलन होने के कारण होता   है | कोलेस्ट्रॉल से पथरी तब बनता है जब पित्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी अधिक हो जाता है, जिसकी वजह से यह धीरे-धीरे पथरी में तब्दील होना शुरू हो जाती है | इसके अलावा जब पित्ताशय ठीक से खाली नहीं होता है तो इससे पित्त गाढ़ा होने लग जाता है और इससे पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है | मोटापा भी एक ऐसा कारण है जो पित्त की पथरी बनने के जोखिम कारण को बढ़ाता है | इसके साथ ही वसायुक्त भोजन का सेवन करने से भी शरीर में पित्त का निर्माण सबसे अधिक होता है |  

 

पित्ताशय की पथरी से कैसे करें बचाव ?   

पित्ताशय की पथरी से बचाव करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का अनुसरण कर सकते है :- 

 

  • नियमित रूप से वजन को घटाएं :- शरीर का मोटापा पित्ताशय की पथरी के जोखिम कारक को बढ़ाता है, इसलिए वजन को नियमित रूप से घटाएं |  

 

  • संतुलित भोजन का सेवन करें :- अपने रोज़ाना डाइट में फल, हरी सब्ज़िया, सबूत अनाज, कम वसा वाले डेयरी से बने उत्पाद आदि को को शामिल करें | 

 

  • भरपूर मात्रा में फाइबर युक्त आहार लें :- फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ पित्त की पथरी के खतरे को कम करने में काफी मददगार होते है, इसलिए अपनी रोज़ाना डाइट में फाइबर युक्त भोजन को शामिल करें | 
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  • रोज़ाना व्यायाम करें :- रोज़ाना नियमित समय तक व्यायाम करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य स्वस्थ रहता है और यह पित्ताशय की पथरी होने की संभावना को भी कम करता है | 

 

पित्ताशय की पथरी लक्षण, कारण और इलाज की जानकारी

कैसे किया जाता है पित्ताशय की पथरी का इलाज ? 

पित्ताशय की पथरी का सटीक इलाज, केवल उनके आकार, संरचना और उपस्थित लक्षणों पर निर्भर करता है | लक्षणों के न दिखने के कारण अधिकतर मामलों में पित्ताशय की पथरी के उपचार की ज़रुरत नहीं पड़ती | यदि लक्षण मौजूद है या फिर इससे जुडी जटिलताएं उत्पन्न हो रही है तो इलाज के तौर पर सर्जन लैप्रोस्कोपी सर्जरी के ज़रिये पित्ताशय की थैली को ही हटा देता है | 

पित्ताशय की पथरी अधिकतर मामलों में व्यक्ति के लिए किसी भी तरह के परेशानी को खड़ा नहीं करते है | यदि आप में कोई भी व्यक्ति पित्ताशय की पथरी से जुड़े लक्षणों से परेशान है तो इलाज के लिए आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था में मौजूद सभी डॉक्टर्स पंजाब के बेहतरीन उरोलॉजिस्ट एंड गैस्ट्रोएनलोगिस्ट में से एक है, जो आपकी समस्यों से छुटकारा दिलाने में आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकते है | इसलिए आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं और इलाज के लिए अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से भी संपर्क कर संस्था से चयन कर सकते है |   

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