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किडनी को सेहतमंद रखने के लिए रोजाना कितनी मात्रा में पानी पीना होता है फायदेमंद? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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किडनी को सेहतमंद रखने के लिए रोजाना कितनी मात्रा में पानी पीना होता है फायदेमंद? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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किडनी शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है। यह न केवल शरीर के खून को फिल्टर करती है, बल्कि शरीर में से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में भी काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। आम तौर पर, डॉक्टर का इस पर कहना है, कि शरीर की सेहत के लिए किडनी की अच्छी देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने के लिए किडनी को हर तरह से स्वस्थ रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। 

आम तौर पर, किडनी को सेहतमंद रखने के लिए सही खान पान का सेवन करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, इसके साथ- साथ रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। पर, आजकल लोग इन चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं और किडनी से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का शिकार हो जाते हैं, जो आगे चलकर किडनी फेल होने कारण भी बन सकती है। ऐसे में, हम में से ज्यादातर लोग अपने रोजाना के खान पान पर ध्यान नहीं देते हैं और न ही पर्याप्त मटर में पानी का सेवन करते हैं, जिससे की न केवल दिमागी सेहत प्रभावित होती है, बल्कि किडनी की सेहत भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। ऐसे में, अपनी किडनी को सेहतमंद रखने के लिए आप रोजाना पानी का सेवन कर सकते हैं। ऐसे में, बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कितने लीटर पानी पीना जरूरी होता है? दरअसल, किडनी को सेहतमंद रखने के लिए रोजाना कम से कम 3 लीटर पानी, यानी कि रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पीना काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। 

किडनी को सेहतमंद रखने के लिए एक दिन में कितनी मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए? 

दरअसल, किडनी को सेहतमंद रखने के लिए आप निम्नलिखित अनुसार पानी का सेवन कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. दरअसल, डॉक्टर का इस पर कहना है, कि अगर आप अपनी किडनी को सेहतमंद रखना चाहते हैं, तो आपको दिन भर में लगभग 3 से 3.5 लीटर पानी का सेवन करने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। आम तौर पर, हर व्यक्ति के लिए यह मात्रा अलग अलग हो सकती है, क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर और सेहत अलग-अलग होती है। इसलिए, किडनी को सेहतमंद रखने के लिए एक दिन में कितनी मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए, यह केवल व्यक्ति की उम्र, फिजिकल एक्टिविटी, वजन और मेडिकल कंडीशन पर ही निर्भर करता है। 
  2. यह सभी जानते हैं, कि गर्मियों के मौसम में लोगों के शरीर से पसीना काफी अधिक मात्रा में निकलता है, इसलिए शरीर को अधिक मात्रा में पानी पीने की जरूरत पड़ती है। इसी वजह से इस मौसम में पानी का सेवन काफी अधिक मात्रा में किया जाना फायदेमंद होता है। 
  3. अगर आप रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करते हैं, तो इससे शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ पेशाब के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं। इससे न केवल किडनी पर दबाव कम पड़ता है, बल्कि किडनी में होने वाली पथरी की समस्या का खतरा बन्हि काफी कम हो जाता है। दरअसल, आपकी जानकरी के लिए आपको बता दें, कि जब आप रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन नहीं करते हैं, तो इससे न केवल आपका पेशाब गाढ़ा हो जाता है, बल्कि इसके कारण किडनी पर काफी ज्यादा दबाव पड़ता है, जो समस्या का कारण बन सकता है। 

जरूरत से ज्यादा पानी का सेवन करने के क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

आम तौर पर, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि अगर किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कोई भी बीमारी नहीं है और वह एक दम स्वस्थ है, तो उस को दिन भर में लगभग 3 लीटर पानी का सेवन करना चाहिए। यह उनकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। हालांकि, ऐसे में जरूरत से ज्यादा पानी का सेवन करना भी हर बार फायदेमंद साबित नहीं होता है। क्योंकि, ऐसे में कुछ लोगों को किडनी से जुड़ी कई बीमारियां, दिल से जुड़ी बीमारियां या फिर सेहत से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं, जिस में डॉक्टर पीड़ित व्यक्ति को अक्सर पानी कम पीने या फिर पानी की मात्रा को सीमित रखने की सलाह प्रदान करते हैं। इसलिए, इस तरह की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों को बिना डॉक्टर कि सलाह के अधिक मात्रा में पानी कासेवन नहीं करना चाहिए। 

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या क्या किया जा सकता है? 

आम तौर पर आप अपनी किडनी को सेहतमंद रखने के लिए नीचे बताए गए उपायों को अपनी जीवनशैली में शामिल कर सकते हैं:

  1. अधिक तेल और मसाले वाले भोजन से बचें। 
  2. ऐसे में, केवल संतुलित आहार को अहमियत दें। 
  3. ऐसे में, आप रोजाना कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज और योग करें।
  4. किडनी को सेहतमंद रखने के लिए न केवल पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, बल्कि एक संतुलित जीवन शैली को भी अपनाएं। 
  5. किडनी की सेहत को बरकरार रखने के लिए अपनी डाइट में हरी सब्जियां और फलों को शामिल करें।

निष्कर्ष: किडनी शरीर के एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंगों में एक माना जाता है। इस की शरीर में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए, इसको सेहतमंद रखना और इस की सेहत का ख्याल रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। किडनी किन सेहत को बनाये रखने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना किडनी के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। इससे किडनी पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और किडनी में होने वाली पथरी की समस्या का खतरा भी काफी कम हो जाता है। ऐसे में आपको अपनी किडनी को सेहतमंद रखने के लिए एक दिन में कम से कम 3 लीटर पानी पीना चाहिए। ध्यान रहे ऐसे में आपको एक साथ पानी नहीं पीना है, यह पानी आपको पुरे दिन में थोड़ा थोड़ा करके पीना है। अगर आपका खानपान ठीक नहीं है, लाइफस्टाइल में कोई गड़बड़ी है और अगर आपको किसी प्रकार कि कोई बीमारी है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और समय पर अपना किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर करवाएं। जिन लोगों के परिवार में किडनी स्टोन या फिर किडनी फेल होने का इतिहास रहा है, तो उनको तो जरूर नियमित अपनी किडनी की जांच करवानी चाहिए। दिल या फिर किडनी से पीड़ित लोगों को पानी का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल के विशेषज्ञों के साथ संपर्क कर सकते हैं। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. किडनी में पथरी कितने समय में बन जाती है? 

दरअसल, किडनी में पथरी धीमी गति से बनती है, जिसमें कई हफ्ते, महीने या सालों तक का समय लग सकता है। 

प्रश्न 2. शरीर में पानी की क्या महत्ता है?

दरअसल, आपकी जानकरी के लिए आपको बता दें, कि पानी का सेवन करना एक व्यक्ति के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, इस में किसी भी तरह का कोई शक नहीं है। पानी की शरीर में काफी महत्ता होती है, क्योंकि यह शरीर के तापनाम को कंट्रोल में रखता है, कोशिकाओं तक पोषक तत्व पहुँचता है, जोड़ों में चिकनाई बनाए रखता है, शरीर तक क्सीजन पहुँचता है, पाचन में काफी मदद करता है और जहरीले पदार्थों को बाहर निकलने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। किडनी को सेहतमंद रखने के लिए रोजाना कितनी मात्रा में पानी पीना होता है फायदेमंद? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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आखिर क्या होता है किडनी डायलिसिस प्रक्रिया में? डॉक्टर से जानें, क्या ट्रांसप्लांट से एक बेहतर विकल्प होता है डायलिसिस कराना!

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किडनी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक मानी जाती है। दरअसल, किडनी को गुर्दा भी कहा जाता है, जिन का स्वस्थ होना सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। किडनी की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योकि यह हमारे शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है और हमारे खून को भी साफ़ करने में काफी ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए, इसका स्वस्थ रहना एक अच्छा जीवन जीने के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। दरअसल, किडनी में होने वाली समस्या एक व्यक्ति के काम को नहीं, बल्कि उसके पूरे जीवन को बुरी तरीके से प्रभावित करके रख देती है। अगर किडनी में होने वाली समस्याओं का वक्त पर इलाज न किया तो इससे एक व्यक्ति की जान पर भी बन सकती है। इसलिए, किडनी में होने वाली समस्याओं पर विशेष ध्यान देना और वक्त पर इलाज करवाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जब कोई व्यक्ति किडनी की बीमारी से पीड़ित होता है और उसकी किडनियां शरीर में अच्छे से से काम करना बन कर देती हैं, तो इस तरह की स्थिति में व्यक्ति कि हालत बहुत ही ज्यादा नाजुक सी हो जाती है। इस दौरान वह न तो कुछ सोच पाता है और न ही कुछ अच्छे तरीके से कर पाता है। बस इस तरह की स्थिति में वो केवल एक मरीज बन जाता है, जिस में कि उसका इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, जब मरीज की किडनियां बिल्कुल ही काम करना बंद कर देती हैं, मतलब कि फेल हो जाती है, तो इस तरह की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को डायलिसिस कराना पड़ता है। ऐसे में, बहुत से लोग जानना चाहते हैं, आखिर किडनी डायलिसिस प्रक्रिया में क्या होता है? दरअसल, डॉक्टर के अनुसार इस प्रक्रिया में सभी डॉक्टर मेडिकल मेडिकल प्रक्रिया का उपयोग करके एक नकली तरीके से शरीर के खून को उसी प्रकार साफ़ करते हैं, जिस तरह शरीर में किडनी करती है।

डायलिसिस जैसी प्रक्रिया के दौरान जहरीले पदार्थों, काफी ज्यादा पानी और कचरे को खून में से निकलकर बाहर किया जाता है। इसके बाद जब किडनी सही तरीके से काम करने लग जाती है, तो शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ अपने आप पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं। किडनी को सेहतमंद रखने के लिए नियमित जांच काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या वाकई डायलिसिस कराना ट्रांसप्लांट से बेहतर होता है?

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कम से बहुत से लोगों को इसके बारे में कंफ्यूजन रहती है, कि किडनी फेल होने पर, किडनी डायलिसिस कराना बेहतर विकल्प होता है, या फिर किडनी ट्रांसप्लांट कराना एक बेहतर विकल्प होता है। दरअसल, आपकी कंफ्यूजन को दूर करते हुए इस पर डॉक्टर का कहना है, कि इस तरह की स्थिति में यह मरीज पर निर्भर करता है, कि वह इन आखिरी पलों में किस चीज का चुनाव करता है, हालांकि उसको इस दोनों प्रक्रियाओं के बारे में बखूबी जानकारी दे दी जाती है। पर, फिर भी डॉक्टर के हिसाब से ट्रांसप्लांट कराना डायलिसिस से बेहतर होता है। क्योंकि, जब किसी मरीज का डायलिसिस किया जाता है, तो वह एक तय समय पर ही किया जाता है। इसमें व्यक्ति को अपने खाने-पीने पर महत्वपूर्ण ध्यान देने की जरूरत होती है, इसमें कई चीजों का परहेज करना होता है। जबकि कोई व्यक्ति अगर किडनी ट्रांसप्लांट करवाता है, तो इसमें ऐसा कुछ भी नहीं होता है और यह केवल एक बार की सर्जिकल प्रक्रिया होती है। इसमें, सर्जरी के बाद मरीज की जिंदगी में काफी हद तक सुधार हो जाता है। वहीं कुछ मरीज किडनी ट्रांसप्लांट कराने की बजाय अक्सर किडनी डायलिसिस करवाते हैं, क्योंकि इसमें किसी भी तरह की कोई बड़ी सर्जरी नहीं होती है और तुरंत हो जाती है, न किसी प्रकार का कोई दर्द होता है। इसके अलावा, इसमें आर्गन रिजेक्शन का खतरा भी बिल्कुल नहीं होता है। 

आखिर किन लोगों को किडनी डायलिसिस कराना पड़ता है?

दरअसल, डॉक्टर के अनुसार निम्नलिखित समस्या से पीड़ित लोगों को किडनी डायलिसिस कराना पड़ता है, जैसे 

  1. जिन लोगों की दोनों किडनियां फेल हो जाती हैं। 
  2. जिन लोगों की किडनियां सही तरीके से काम नहीं करती हैं। 
  3. जब किडनी 85 से 90 प्रतिशत तक बिल्कुल काम करना बंद कर देती है। 
  4. जिन लोगों का लास्ट स्टेज किडनी डिजीज होता है। 

किडनी फेल होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं? 

दरअसल, डॉक्टर के अनुसार किडनी फेल होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें से कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे 

  1. अनियंत्रित डायबिटीज की समस्या होना। 
  2. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना। 
  3. किडनी में गंभीर इंफेक्शन की समस्या होना। 
  4. किडनी में अचानक गंभीर चोट लगना। 
  5. पथरी से रुकावट और पॉलीसिस्टिक किडनी जैसी जन्मजात बीमारियां होना। 

हालांकि, बिना किसी बड़ी बीमारी के भी कुछ लोग किडनी से जुड़ी तरह -तरह की समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। 

क्या किडनी डायलिसिस करना एक बहुत ही ज्यादा गंभीर स्थिति होती है?

दरअसल, हम में से बहुत से लोगों का यह मानना है, कि किडनी डायलिसिस करना एक बहुत ही ज्यादा गंभीर स्थिति होती है, जिसमें काफी ज्यादा दर्द होता है। पर, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। डॉक्टर के अनुसार, किडनी डायलिसिस करना किसी भी तरह की कोई सर्जिकल प्रक्रिया नहीं होती है। पर, अगर आपके डॉक्टर ने डायलिसिस कराने के लिए बोला है, तो आपको इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, बल्कि इसे उतनी ही गंभीरता से लेना चाहिए, जितना कि आप अपनी जिंदगी को लेते हैं। ध्यान रहे, इसे शुरू न करना, अपनी मर्जी से कभी करवाना और कभी नहीं करवाना आपकी जिंदगी के लिए बहुत ही ज्यादा भारी पड़ सकता है। अगर आप ऐसा करते हैं, तो इससे आपके खून में टॉक्सिन जमा हो सकते हैं और यूरीमिया जैसी जीवन घातक स्थिति का निर्माण कर सकते हैं। अगर पीड़ित व्यक्ति का इलाज न करवाया जाये, तो किडनी फेल्योर की स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

डायलिसिस कितने प्रकार का होता है?

आम तौर पर, डायलिसिस मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है, जैसे 

  1. हेमोडायलिसिस। 
  2. पेरिटोनियल डायलिसिस। 

निष्कर्ष: किडनी से जुड़ी समस्या लोगों को इतना ज्यादा परेशान कर देती है, कि उसके मरने जैसी हालत हो जाती है। किडनी की बीमारी के दौरान एक व्यक्ति की किडनियां अच्छे तरीके से काम करना बंद कर देती हैं, जिससे व्यक्ति मौत के मुँह में चला जाता है। इस बीमारी से अपने जीवन को बचाने के लिए इस लेख में हमने आपको किडनी डायलिसिस की प्रक्रिया और किडनी डायलिसिस के बारे में जानकारी दी है। यह भी बताया गया है, कि इन प्रक्रियाओं में क्या होता है। डॉक्टर के हिसाब से ट्रांसप्लांट कराना डायलिसिस से बेहतर होता है। पर, फिर भी किडनी ट्रांसप्लांट कराने की बजाय कुछ मरीज अक्सर किडनी डायलिसिस करवाते हैं, क्योंकि इसमें किसी भी तरह की कोई बड़ी सर्जरी नहीं होती है। ऐसे में, मरीज पर भी निर्भर करता है, कि वो किस ऑप्शन का चुनाव करता है। दोनों में मरीज की जान बचाई जा सकती है। किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या में आपको देर नहीं करनी चाहिए, बल्कि आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. किडनी को स्वस्थ रखने के लिए किन चीजों का सेवन किया जा सकता है?

दरअसल, अगर आप अपनी किडनी को सेहतमंद रखना चाहते हैं, तो इसके लिए आप रोजाना संतुलित आहार का सेवन, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन और ज्यादा नमक या फिर ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन बहुत ही कम मात्रा में कर सकते हैं। यह किडनी की सेहत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। 

प्रश्न 2. क्या पथरी की समस्या में व्यक्ति की जान भी जा सकती है?

दरअसल, ऐसा कहना गलत नहीं हो सकता है, कि हाँ पथरी की समस्या में व्यक्ति जान जा सकती है, पर बहुत ही कम मामलों में ऐसा देखने को मिलता है। पर, आपको बता दें, कि ऐसा तब होता है, जब व्यक्ति अपनी पथरी का इलाज सही समय पर और अच्छे तरीके से देखभाल नहीं करता है। ऐसे में, महत्वपूर्ण रूप से आपको बता दें, कि इस तरह की स्थिति में पथरी खुद जानलेवा नहीं बनती है, पर इस समस्या के कारण व्यक्ति को होने वाली जटिलताएं जान जाने का कारण बन सकती हैं। इसलिए, शरीर से जुड़ी हर समस्या में सावधान होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।

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