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किडनी स्टोन के अलावा वो कौन से 8 कारण हैं, जो किडनी में दर्द का कारण बन सकते हैं? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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किडनी स्टोन के अलावा वो कौन से 8 कारण हैं, जो किडनी में दर्द का कारण बन सकते हैं? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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दरअसल, इसके बारे में लगभग सभी जानते हैं, कि किडनी हमारे शरीर के लिए कितनी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। यह शरीर में एक अहम भूमिका निभाती है, जो हमारे शरीर में जमा गंदगी को निकालने में हमारी काफी ज्यादा सहायता करती है। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हमारे शरीर में किडनी पेशाब के जरिये शरीर की गंदगी को बाहर निकालने का काम करती है और साथ में शरीर के केमिकल को बनाए रखने का काम करती है। पर, जब हमारी किडनी में किसी भी तरह की कोई भी परेशानी आती है, तो इस दौरान हमारा शरीर बहुत से संकेतों को प्रदान करता है। कई बार किडनी का दर्द असहनीय हो सकता है, जो एक व्यक्ति की जीवन शैली को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। किडनी में दर्द किडनी स्टोन के अलावा और भी बहुत से कारणों की वजह से हो सकता है, जिसमें किडनी में कैंसर, चोट, पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज, किडनी इन्फेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट, यूरेटेरो पेल्विक जंक्शन ऑब्स्ट्रक्शन, वेसिको-यूरेथ्रल रिफ्लक्स और यूरिनरी रिटेंशन जैसे कारण शामिल हो सकते हैं। ऐसे में, जब भी आपको अपनी किडनी में दर्द महसूस होता है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

गुर्दे में दर्द का मुख्य कारण क्या हो सकता है?

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हमारी किडनी यानी कि गुर्दे ब्लैडर और यूट्रस से भी जुड़े हुए होते हैं। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति के दौरान जब किडनी में किसी भी तरह की कोई भी समस्या हो जाती है, तो किडनी के साथ- साथ यह सभी हिस्से भी काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं। किडनी में होने वाले दर्द के कुछ संभावित कारणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. किडनी स्टोन

यह सभी जानते हैं, कि शरीर में जमा होने वाले मिनरल्स की वजह से किडनी में पथरी की समस्या उत्पन्न होती है। दरअसल, इस पथरी के यूरिनरी ट्रैक्ट में फंसने पर आपको काफी ज्यादा तेज दर्द महसूस हो सकता है। 

  1. यूरिनरी रिटेंशन

यूरिनरी रिटेंशन यानी कि पेशाब में रुकावट। इस तरह की स्थिति के दौरान एक व्यक्ति अपना ब्लैडर अच्छे तरीके से खाली नहीं कर पाता है, जिससे दर्द महसूस हो सकता है। यह समस्या अचानक से या फिर उम्र के साथ धीरे-धीरे हो सकती है। 

  1. वेसिकोरेट्रल रिफ्लक्स

दरअसल, यूरिन रिफ्लक्स के दौरान पेशाब आपके ब्लैडर से पीछे की ओर आपके यूरेटर्स या फिर किडनी की तरफ बहने लग जाता है। हालांकि, वेसिको-यूरेथ्रल रिफ्लक्स की समस्या किसी को भी प्रभावित कर सकती है। पर, यह समस्या ज्यादातर शिशुओं और छोटे बच्चों में काफी ज्यादा देखने को मिल सकती है। जिससे किडनी में दर्द हो सकता है। 

  1. यूरेटेरोपेल्विक जंक्शन ओबस्ट्रुक्शन

आम तौर पर, इस तरह की स्थिति के दौरान ब्लॉकेज की समस्या तब होती है, जब आपकी मूत्रवाहिनी आपकी किडनी से जुड़ी हुई होती है। इसके कारण एक व्यक्ति को पीठ में दर्द हो सकता है, जिसका फैलाव पेट या फिर पीठ के निचले हिस्से तक हो सकता है। 

  1. पेशाब की नली में रुकावट

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि असल में यूरेटर वो ट्यूब होते हैं, जो आम तौर पर, पेशाब को आपकी किडनी से आपके ब्लैडर तक ले जाते हैं। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर, यूरेटर एक या फिर दोनों तरफ सिकुड़ सकता है, जो किडनी में दर्द का कारण बन सकता है। 

  1. गुर्दे का संक्रमण

दरअसल, गुर्दे में संक्रमण जैसी स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब बैक्टीरिया आपकी किडनी यानी कि गुर्दे को पूरी तरीके से संक्रमित कर देते हैं। इस तरह की स्थिति में आपको बुखार, ठंड लगना, पीठ में दर्द और उल्टी होना जैसे लक्षण नज़र आ सकते हैं। इससे किडनी में काफी ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है। 

  1. पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज

इस तरह की समस्या के दौरान जैसे-जैसे सिस्ट फैलता है, वैसे -वैसे किडनी का आकार बड़ा होता जाता है और इस दौरान काफी ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है। ऐसे में, नतीजा यह निकलता है, की किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती है। 

  1. चोट

दरअसल, बहुत सी चोटों की वजह से किडनी को काफी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। आम तौर पर, इसकी वजह से पेशाब में या फिर किडनी के आसपास ब्लीडिंग होने की वजह से पेशाब के साथ-साथ खून का लीकेज भी हो सकता है। जिससे किडनी में काफी ज्यादा दर्द हो सकता है। 

निष्कर्ष: किडनी हमारे शरीर में एक अहम भूमिका निभाती है, जो शरीर से जमा गंदगी को निकालने में हमारी बहुत मदद करती है। हमारी किडनी ब्लैडर और यूट्रस से भी जुड़ी हुई होती है, तो ऐसे में जब किडनी में कोई दिक्कत-परेशानी आती है, तो किडनी के साथ यह हिस्से भी प्रभावित होते हैं। किडनी में पथरी के अलावा, किडनी में कैंसर, चोट, पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज, किडनी इन्फेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट, यूरेटेरो पेल्विक जंक्शन ऑब्स्ट्रक्शन, वेसिको-यूरेथ्रल रिफ्लक्स और यूरिनरी रिटेंशन जैसे कारणों की वजह से भी किडनी में दर्द की समस्या हो सकती है। किडनी में होने वाले इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए समय पर इन समस्याओं का इलाज और जांच बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं। किडनी में गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की आम से गंभीर समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या वाकई गुर्दे की पथरी को तोड़कर बाहर निकाल सकता है यह हर्बल वॉटर? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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दरअसल आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि गोक्षुर या फिर गोखरू एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जिस को ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस के नाम से भी जाना जाता है। आम तौर पर, यह एक छोटी पत्तेदार आयुर्वेदिक औषधि की तरह होती है। जो कई तरह की समस्याओं को ठीक करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। दरअसल, जो व्यक्ति पेशाब से जुड़ी बीमारियों, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, प्रोस्टेट ग्रंथि की बीमारियों, दिल से जुड़ी बीमारियों और साथ में गुर्दे की समस्याओं से पीड़ित होते हैं, यह औषधि, विशेष तौर पर इन मरीजों को ठीक करने के लिए ही इस्तेमाल की जाती है। इसके अलावा, यह औषधि एक व्यक्ति की मसल्स को बढ़ाने, व्यक्ति की मेमोरी को पूरी तरीके से शार्प करने और साथ में पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही कामेच्छा को बढ़ाने में भी काफी ज्यादा सहायक साबित होती है। यह सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होती है, इसलिए किसी भी समस्या के दौरान इसका इस्तेमाल अक्सर डॉक्टर की सलाह पर किया जाना चाहिए। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आयुर्वेदिक डॉक्टर ज्यादातर गोक्षुर या फिर गोखरू का इस्तेमाल गुर्दे की पथरी को ठीक करने के लिए ही करते हैं। ऐसे में, यह भी सच है, कि गोक्षुर या फिर गोखरू गुर्दे की पथरी को तोड़ने और शरीर से बाहर निकालने में काफी ज्यादा प्रभावी मानी जाती है। इसके लिए गोक्षुर का हर्बल वाटर का सेवन करना काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। दरअसल, यह सेहत के साथ- साथ गुर्दे की पथरी में भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। इसलिए, ज्यादातर डॉक्टर गुर्दे की पथरी का इलाज करने के लिए इस पानी का इस्तेमाल करते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इसके आयुर्वेदिक डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या वाकई गुर्दे की पथरी को खत्म करने में फायदेमंद होता है गोक्षुर का हर्बल वाटर?

दरअसल, आयुर्वेदिक डॉक्टर का इस पर कहना है, कि गोक्षुर का हर्बल वाटर यूरिनरी कैलकुली में काफी ज्यादा लाभदायक साबित होता है। आम तौर पर , गोक्षुर के हर्बल वाटर में लिथोट्रिप्टिक एक्टिविटी मौजूद होती है, जो गुर्दे में मौजूद पथरी को तोड़ने का बल रखती है। दरअसल, इसका इस्तेमाल करने के लिए आप सबसे पहले कम से कम दो चम्मच गोक्षुरा पाउडर को लें और उसको पानी में मिलाकर अच्छे से उबाल लें या फिर इसके अलावा, एक गोक्षुरा के फल को अच्छे तरीके से सुखा लें और उसको अच्छे से क्रश कर लें और कम से कम दो लीटर पानी में मिलाकर इसे 15 मिनट तक अच्छे तरीके से उबाल लें। इसके बाद इसको अच्छे तरीके से छान लें और पी लें। इसका सेवन आप रोजाना पानी की जगह पर कर सकते हैं। 

गुर्दे की पथरी के लिए क्यों कारगर माना जाता है गोक्षुर का वाटर?

आम तौर पर, गोक्षुर का वाटर निम्नलिखित कारणों की वजह से कारगर साबित हो सकता है, जैसे कि 

  1. दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पारंपरिक गोक्षुर चूर्ण का सेवन न केवल शरीर से ज्यादा यूरिक एसिड को खत्म करने में मदद करता है, बल्कि यह किडनी में यूरिक एसिड के लेवल को मैनेज करने में भी बहुत मददगार साबित होता है। यह किडनी की सेहत को बेहतर बनाता है और गाउट को भी रोक सकता है या ठीक कर सकता है।
  2. आम तौर पर, गोक्षुर चूर्ण में मौजूद एंटी-लिथियासिस गुण न केवल गुर्दे में बनने वाली पथरी को रोकने का काम करते हैं, बल्कि यह गुर्दे में पहले से बनी पथरी को भी तोड़ने या फिर उस पथरी के आकर को पहले से काफी ज्यादा कम करने में काफी ज्यादा सहायक होते हैं। 
  3. दरअसल, इस तरह से यह पॉलीसिस्टिक गुर्दे की बीमारियों, गुर्दे की पथरी और साथ में मूत्राशय में सिस्टिटिस जैसी स्थिति को रोकने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। 
  4. हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि गोक्षुर का वाटर डायबिटीज जैसी समस्या को मैनेज करने में काफी ज्यादा सहायता करता है और इसी वजह से गोक्षुर का वाटर बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षणों से लड़ता है। 

यह मधुमेह के प्रबंधन में सहायता करता है और इसलिए बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षणों का मुकाबला करता है।

निष्कर्ष: गोक्षुर या फिर गोखरू एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस के नाम से भी जाना जाता है। यह एक छोटी पत्तेदार आयुर्वेदिक जड़ी बूटी की तरह होती है, जो शरीर से जुड़ी कई तरह की समस्याओं को दूर करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। इसके अलावा, यह एक व्यक्ति की सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद हो सकती है। ऐसे में, गोक्षुर या फिर गोखरू गुर्दे की पथरी को तोड़ कर शरीर से बाहर निकालने में काफी ज्यादा प्रभावी मानी जाती है। गोक्षुर का हर्बल वाटर यूरिनरी कैलकुली में काफी ज्यादा लाभदायक साबित होता है। हालांकि, यह सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होती है, पर किसी भी समस्या के दौरान इसका इस्तेमाल अक्सर डॉक्टर की सलाह पर किया जाना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गुर्दे की पथरी जैसी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों को अपनी समस्या बताकर उसका समाधान और उसके बारे में महत्वपूर्ण जानकरी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या मतली का बार-बार होना हो सकता है किडनी की बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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लोगों में मतली की समस्या होना एक आम बात होती है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पेट खराब होने की वजह से या फिर कोई संक्रमण होने की वजह से आपको इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, बहुत सी महिलाओं को

गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में भी मतली जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, हम में बहुत से लोगों को बसों और गाड़ियों में ट्रेवल करने या फिर एसिड रिफ्लक्स की वजह से मतली जैसी समस्या होने लग जाती है। यह समस्या कभी और किसी को भी हो सकती है। हम में से बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो इस समस्या को स्थिति के हिसाब से जज करते हैं और ऐसे ही नाजज़रांदाज कर देते हैं। यह समस्या आम होती है, पर क्या फिर भी आप इसके बारे में जानते हैं, कि मतली की समस्या को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्योंकि कभी कभार ये समस्या शरीर से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। जो एक व्यक्ति की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। 

डॉक्टर के अनुसार, मतली की समस्या का किडनी से जुड़ी समस्या के साथ एक बहुत ही गहरा संबंध होता है। जो किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। किडनी की समस्या में एक व्यक्ति के पैरों और चेहरे पर सूजन की समस्या होने लग जाती है, जिसमें कई बार पेट दर्द भी हो सकता है। ऐसे में बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि क्या इस तरह की स्थिति में किडनी से जुड़ी समस्याओं को गैस और मतली से भी जोड़कर देखा जा सकता है? क्या वाकई मतली का बार-बार होना किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है? दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि हाँ बार-बार होने वाली मतली या फिर उल्टी किडनी से जुड़ी बीमारी या फिर किडनी फ़ैल होने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। इसलिए, इस तरह की समस्या को नज़रअंदाज करने की बजाए आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

किडनी की बीमारी के लक्षण क्या हो सकते हैं?

किडनी की बीमारी के लक्षण तभी नजर आते हैं, जब किसी व्यक्ति में किडनी की समस्या काफी ज्यादा गंभीर हो जाती है और बीमारी एक एडवांस स्टेज तक पहुंच जाती है। किडनी की बीमारी के लक्षण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. पीड़ित व्यक्ति के चेहरे और पैरों में सूजन की समस्या होना। 
  2. काफी ज्यादा जी मिचलाना या फिर उल्टी जैसा महसूस होना। 
  3. पीड़ित व्यक्ति का धीरे-धीरे वजन कम हो जाना। 
  4. सांस लेते वक्त काफी ज्यादा तकलीफ महसूस होना। 

मतली और किडनी की बीमारी के बीच संबंध!

इस पर डॉक्टर का कहना है, कि किडनी की बीमारी होने पर आपको इसकी शुरुआत में ही जी मिचलाना या फिर उल्टी होने जैसे लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। अगर इस तरह की समस्या कभी कभार किसी को हो जाती है, तो इस को बिल्कुल भी किडनी की बीमारी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। कभी कभार होने वाली मतली को आप एक आम समस्या जैसे एसिडिटी और गैस भी समझ सकते हैं, जो किसी को भी प्रभावित कर सकती है। आम तौर पर, ऐसा इसलिए भी हो सकता है, क्योंकि कई बार हम सेहतमंद खाने की जगह, गलत डाइट को भी अपना लेते हैं। डॉक्टर के अनुसार, कभी कभी होने वाले मतली की समस्या किडनी की बीमारी का संस्कृत नहीं हो सकता, पर अगर यह मतली की समस्या किसी व्यक्ति को बार-बार होती है और वह इस समस्या से जहर बार परेशान रहता है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह किडनी की बीमारी या फिर किडनी फ़ैल होने का एक बहुत बड़ा संकेत हो सकता है। इसके अलावा, इस तरह की समस्या को लेकर ज्यादा परेशान भी नहीं होना चाहिए। अपने मन में कोई भी धारणा बनाने से पहले बेहतर होगा, कि आप किसी अच्छे डॉक्टर या फिर किसी नेफ्रोलॉजिस्ट के पास जाकर किडनी की अच्छे तरीके से जांच करवानी चाहिए। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि समस्या की पहचान करने के लिए किडनी फंक्शन टेस्ट भी किया जा सकता है, जिस में यह पता लगता है, कि व्यक्ति में मतली की समस्या किडनी की बीमारी से जुड़ी हुई है, या फिर नहीं। NCBI की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के सालों में किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। क्रोनिक किडनी की बीमारी में हीमोडायलिसिस की जरूरत होती है। इस समस्या से पीड़ित लोगों को उल्टी या जी मिचलाने की समस्या हो सकती है।

मतली के अन्य कारण क्या हो सकते हैं?

मतली के अन्य कारण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं:

  1. काफी लंबे समय तक पेन किलर लेना।
  2. ज्यादा मात्रा में स्ट्रीट फूड का सेवन करना 
  3. फास्ट फूड भी मतली का कारण हो सकता है।
  4. फास्ट फूड से भी मतली की समस्या हो सकती है। 

निष्कर्ष: मतली की समस्या एक आम समस्या है, जो किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। किडनी की बीमारी होने पर एक व्यक्ति को कई तरह के लक्षण नज़र आ सकते हैं, जिसमें से एक जी मिचलाना भी शामिल हो सकता है। उल्टी आना जैसे लक्षण अक्सर आपको सिर्फ किडनी की बीमारी के एडवांस स्टेज में देखने को मिल सकते हैं। जिसमें किडनी की बीमारी और किडनी फेलियर का होना शामिल हो सकता है। इसलिए, बार बार होने वाली मतली को आप किडनी की बीमारी से जोड़कर देख सकते हैं। ऐसा होने पर अपनी किडनी की तुरंत जांच कराएं। इससे समस्या का पता चल सकता है और वक्त रहते इलाज हो सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल के विशेषज्ञों से सम्पर्क कर सकते हैं।

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