510-L, Model Town Ludhiana – 141002 (India)

प्रोस्टेट संक्रमण क्या होता है? लक्षण, कारणों और उपचार के विकल्पों के बारे में जानें डॉक्टर से

Home  »  HindiProstate Diseases   »   प्रोस्टेट संक्रमण क्या होता है? लक्षण, कारणों और उपचार के विकल्पों के बारे में जानें डॉक्टर से
Categories
Hindi Prostate Diseases

Loading

दरअसल, प्रोस्टेट ग्लैंड काफी ज्यादा छोटा होता है, पर यह सभी पुरुषों की सेहत में एक महत्वपूर्ण भूमिका को निभाता है। आपको बता दें, कि ब्लैडर के ठीक नीचे की तरफ मौजूद, अखरोट के आकार का यह ग्लैंड, दरअसल वीर्य द्रव की पैदावार में काफी ज्यादा सहायक होता है, जो आम तौर पर शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करने में मदद करता है, और इन को शरीर तक पहुंचाता है। आम तौर पर, प्रोस्टेट में सूजन या फिर संक्रमण जिसे प्रोस्टेटाइटिस भी कहा जाता है, जिसकी वजह से पुरुषों को बहुत ज्यादा दर्द, बेचैनी और पेशाब से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही इसके लक्षणों में, व्यक्ति को पेशाब करते समय दर्द या फिर जलन महसूस होना और पीठ के निचले हिस्से, कमर या फिर श्रोणि क्षेत्र में दर्द होना शामिल हो सकता है, जिस के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाओं का उपयोग किया जा सकता है और यह जीवाणु संक्रमण, मूत्र मार्ग संक्रमण और श्रोणि में चोट के कारण हो सकता है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज करने की बजाए, तुरंत डॉक्टर के साथ संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। आइये इस लेख के माध्यम से प्रोस्टेट संक्रमण के प्रमुख लक्षणों, उनके कारणों और उपचार के विकल्पों के बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

See also  गर्मियों में किडनी पथरी बनने के कारण, कम पानी पीने से बढ़ सकती है मुसीबत जानिए कैसे

प्रोस्टेट संक्रमण (प्रोस्टेटाइटिस) क्या होता है?

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि प्रोस्टेट संक्रमण या फिर प्रोस्टेटाइटिस तब होता है, जब बैक्टीरियल संक्रमण या फिर दूसरे नॉन-बैक्टीरियल कारणों की वजह से प्रोस्टेट ग्लैंड में, सूजन जैसी समस्या का उत्पादन हो जाता है, या फिर सूजन आ जाती है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्तिओं को प्रभावित कर सकती है, पर ये समस्या ज़्यदातर 30 से 50 साल की उम्र के लोगों के बीच सबसे ज्यादा आम देखि जा सकती है। 

दरअसल, इस तरह की समस्या के बढ़ने के तरीके और समय के आधार पर, प्रोस्टेटाइटिस को चार मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है, जिस में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  1. एक्यूट बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस
  2. क्रोनिक बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस
  3. लक्षणहीन सूजन संबंधी प्रोस्टेटाइटिस
  4. क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस इस फिर क्रोनिक पेल्विक पेन सिंड्रोम (सीपी/सीपीपीएस)

प्रोस्टेट संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

आपको बता दें, कि पुरुषों में प्रोस्टेट संक्रमण के लक्षण अक्सर संक्रमण की गंभीरता और प्रकार के आधार पर अलग -अलग दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, कई चेतावनीयों के संकेत आम हो सकते हैं, पर इनको कभी भी नज़रअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रोस्टेट संक्रमण के आम लक्षणों में निम्नलिखत लक्षण शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. व्यक्ति को पेशाब करते समय दर्द या फिर जलन अनुभव होना (डिसुरिया)
  2. किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने की इच्छा प्रकट होना। 
  3. पेशाब करने या फिर पेशाब की धारा को बनाकर रखने में काफी ज्यादा परेशानी होना। 
  4. व्यक्ति के पीठ के निचले हिस्से में, कमर में या फिर श्रोणि क्षेत्र में काफी ज्यादा दर्द का एहसास होना। 
  5. स्खलन के दौरान दर्द, कामेच्छा में कमी या फिर इरेक्शन बनाए रखने में काफी ज्यादा दिक्कत होना। 
  6. पेशाब या फिर वीर्य में दिखाई देने वाले परिवर्तन। 
  7. बुखार होना, ठंड लगना और शरीर में काफी ज्यादा दर्द का अनुभव होना। 
  8. लगातार बेचैनी या फिर थकान महसूस होना (मलाइज़) 
See also  आरजी स्टोन यूरोलॉजी और लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल करता है यूरोलॉजी और लेप्रोस्कोपी उपचार में लीडिंग

दरअसल, अगर आपको इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव होता है, तो इसको बिलकुल भी नज़रअंदाज न करें, इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

प्रोस्टेट संक्रमण के कारण क्या हैं?

प्रोस्टेट संक्रमण कई कारणों से हो सकता है, जिन में सबसे आम कारण निम्नलिखित अनुसार हैं:

  1. जीवाणु संक्रमण होना। 
  2. मूत्र मार्ग में संक्रमण होना। 
  3. मूत्रमार्ग में रुकावट या फिर संकुचन होना। 
  4. श्रोणि में चोट लगना। 

प्रोस्टेट संक्रमण के उपचार के विकल्प

दरअसल, प्रोस्टेट इन्फेक्शन के लक्षणों का उपचार ज्यादातर, इस बात पर निर्भर करता है, कि यह संक्रमण बैक्टीरियल है, या फिर नॉन-बैक्टीरियल है। प्रोस्टेट संक्रमण के आधार पर, इसके उपचार के विकल्पों में ये शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. एंटीबायोटिक थेरेपी
  2. अल्फा-ब्लॉकर्स
  3. एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं
  4. फिजियोथेरेपी और पेल्विक फ्लोर व्यायाम
  5. जीवनशैली में बदलाव करना। 
  6. गर्म पानी से नहाना और ज्यादातर तरल पदार्थों का सेवन करना। 
See also  जानिए ज्यादा नमक किडनी के मरीजों के लिए कैसे है, खतरा और वो इससे कैसे खुद का बचाव कर सकते है?

निष्कर्ष: किसी भी तरह की कोई गंभीर स्थिति उत्पन्न होने से पहले हमारा शरीर हल्के संकेतों को प्रदान करता है। जैसे कि प्रोस्टेट इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षणों में दर्द होना, पेशाब में बदलाव या फिर पेल्विक हिस्से में तकलीफ होना आदि शामिल होता है। इन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, समय पर पहचान और इलाज सेहत के लिए ज़रूरी है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी या फिर अगर आपको भी प्रोस्टेट इन्फेक्शन जैसी कोई समस्या है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Popular Posts

Get In Touch With Us

    Telephone Icon
    whatsup-icon