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क्या पथरी की समस्या से उम्र भर बचने के लिए भूलकर भी नहीं करना चाहिए इन 6 चीजों का सेवन? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

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क्या पथरी की समस्या से उम्र भर बचने के लिए भूलकर भी नहीं करना चाहिए इन 6 चीजों का सेवन? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

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आज के समय में बहुत से लोग ऐसे हैं, जो किडनी या फिर पित्त की पथरी की समस्या से जूझ रहे हैं, क्योंकि पथरी की समस्या होना लोगों में काफी ज्यादा आम हो गया है। इस बात से कोई भी अनजान नहीं है, कि पथरी होने पर एक व्यक्ति को असहनीय दर्द हो सकता है, जिसकी वह से उसके रोजाना के काम काफी ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। पथरी चाहे किसी में भी हो तुरंत इलाज महत्वपूर्ण होता है। 

आम तौर पर, ज्यादातर देखने को मिलता है, कि खराब खान- पान, खराब लाइफस्टाइल और इसके इलावा रोजाना कम मात्रा में पानी का सेवन करने की वजह से बहुत लोगों को पथिरि की समस्या का सामना करना पड़ता है। दरअसल, किडनी में पथरी की समस्या आज किसी भी उम्र के व्यक्ति पर अपना बुरा प्रभाव डाल सकती है। अगर वक्त रहते इस तरह की समस्या का इलाज न किया गया तो यह समस्या आगे चलकर सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती है, जिससे एक व्यक्ति को पेट में असहनीय दर्द हो सकता है। दरअसल, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोग न जाने कितने ही उपायों का इस्तेमाल करते हैं और साथ में न जाने कितनी ही दवाओं का सेवन करते हैं। ऐसा करते -करते पथरी की वजह से एक पीड़ित व्यक्ति को सर्जरी करवाने तक की नौबत आ जाती है। पर, क्या आपने कभी इसके बारे में सोचा है, कि जिन फूड्स का सेवन हम रोजाना करते हैं, उनमें से कुछ ऐसे फूड्स होते हैं, जो इस तरह की समस्या के दौरान काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इसमें, नमक, पालक, कोल्ड-ड्रिंक्स, कैफीन, प्रोटीन, टमाटर और शिमला मिर्च जैसे फूड्स शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही, जो लोग पथरी की समस्या से पीड़ित नहीं होते हैं, दरअसल उन लोगों को भी ज्यादातर इन फूड्स के सेवन से अपना बचाव करना चाहिए। आम तौर पर, लगातार इन फूड्स का सेवन न केवल सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है, बल्कि इन से पथरी की समस्या में भी काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

फूड्स जिन का सेवन पथरी के दौरान नुकसानदायक हो सकता है 

  1. नमक

दरअसल, हम में से ज्यादातर लोगों को इसके बारे में नहीं पता होगा, कि नमक से बनी चीजें पथरी की समस्या को बुलावा भेज सकती हैं।आम तौर पर, रोजाना बहुत ज्यादा नमक खाने से शरीर में कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती है, जो किडनी या गॉल स्टोन के रूप में जमा हो जाता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति के दौरान ध्यान रखें कि नमक का सेवन कम से कम करें और साथ में चिप्स और नमकीन जैसी तली हुई चीजों से जितना हो सके दूर रहें। 

  1. प्रोटीन

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि रोजाना ज्यादा मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने की वजह से सैंड पथरी या फिर कैल्शियम ऑक्सलेट पथरी जैसी समस्या होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए आपको दूध, मीट, मछली, अंडे और उबली हुई दालों का सेवन नियंत्रित करना चाहिए।

  1. कैफीन

देखा जाये, तो आज ज्यादातर लोग अपनी एनर्जी को बूस्ट करने के लिए कैफीन का ही सेवन करते हैं। असल में, जो लोग ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन करते हैं, उन्हें पथरी होने का खतरा काफी ज्यादा होता है। क्योंकि, कैफीन यूरिन में कैल्शियम और दूसरे वेस्ट प्रोडक्ट्स की मात्रा को काफी ज्यादा बढ़ा सकता है, जिसकी वजह से पथरी बन सकती है। पथरी जैसी समस्या से बचने के लिए आप चाय, कॉफी, सोडा, चॉकलेट और एनर्जी ड्रिंक्स जैसे पेय पदार्थों का सेवन जितना हो सके कम ही करें, क्योंकि इनमें कैफीन की भरी मात्रा मौजूद होती है, जो सेहत के लिए ठीक नहीं होती है। हो सके तो इन का सेवन बंद कर दें। 

  1. टमाटर और शिमला मिर्च

दरअसल, सभी के घरों में टमाटर और शिमला मिर्च का इस्तेमाल सब्जी के तौर पर किया जाता है, जो सेहत के लिए कहीं न कहीं नुकसानदायक हो सकता है। क्योंकि टमाटर और शिमला मिर्च के बीजों में ऑक्सालेट क्रिस्टल्स काफी ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं, जो पेट में जाकर कैल्शियम के साथ जुड़ जाते हैं। जिसकी वजह से कैल्शियम ऑक्सलेट के क्रिस्टल का निर्माण होता है, जो आगे चलकर पथरी का रूप धारण कर लेते हैं। इसलिए, डॉक्टर भी बताते हैं, कि किसी भी तरह की सब्जी में टमाटर और शिमला मिर्च का इस्तेमाल करने से पहले इसके बीजों को निकाल देना सबसे ज्यादा अच्छा होता है। 

  1. कोल्ड-ड्रिंक्स

हालांकि, पथरी की समस्या के दौरान सलाह दी जाती है, कि इस तरह की स्थिति में जितना हो सके पानी का सेवन करें और वहीं इस तरह की स्थिति में कोल्ड ड्रिंक से दूर रहने की सलाह प्रदान की जाती है। क्योंकि, कोल्ड ड्रिंक में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड पथरी की समस्या के खतरे को और भी ज्यादा बढ़ा देते हैं। इसलिए, कोल्ड-ड्रिंक्स के सेवन से जितना हो सके दूर रहना चाहिए।

निष्कर्ष: गलत खान -पान और खराब जीवनशैली की वजह से लोगों को पथरी की समस्या का सामना करना पड़ता है। पथरी की समस्या होना काफी आम है। अगर आप पथरी की समस्या से बचे रहना चाहते हैं, तो आपको अपनी डाइट में नमक, पालक, कोल्ड- ड्रिंक्स, कैफीन, प्रोटीन, टमाटर और शिमला मिर्च जैसे फूड्स का सेवन कम करना होगा। क्योंकि यह फूड्स न केवल सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है, बल्कि इन से पथरी की समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। पथरी की गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और पथरी जैसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इस के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।

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क्या कॉफी का सेवन करने पर पित्ताशय की पथरी की समस्या दूर हो सकती है? डॉक्टर से जानें!

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आम तौर पर, आज एक के समय में ज्यादातर लोग चाय की बजाए कॉफी का सेवन करते हैं, क्योंकि कॉफी सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होती है। विशेष तौर पर कॉफी सेहत के लिए तब ज़्यादा फायदेमंद साबित होती है, जब इसे रोजाना कम मात्रा में पिया जाए। असल में, रोजाना इसके सेवन से एक इंसान की उम्र बढ़ती है और साथ में दिल की बीमारियां, स्ट्रोक, टाइप 2 डायबिटीज, लिवर की बीमारियां और कई तरह के कैंसर जैसी कई समस्याओं का खतरा भी काफी ज्यादा कम होता है। आम तौर पर, इससे शरीर को तुरंत ऊर्जा प्राप्त होती है और मानसिक कार्यक्षमता बेहतर होती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि रोजाना कॉफी का सेवन करने से कई फायदे मिल सकते हैं, पर इसके साथ -साथ इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं, जिसमें काफी ज्यादा चिंता और नींद से जुड़ी बीमारियां शामिल हो सकती हैं। 

हालांकि, दुनिया भर में, अपने शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए कॉफी का सेवन किया जाता है, पर इसके साथ -साथ हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, कॉफी के एक और फायदे के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है, कि शोध से मिले परिणामों के मुताबिक, कॉफी का सेवन करने से पित्ताशय की पथरी का खतरा काफी कम किया जा सकता है। ऐसे में, बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि क्या वाकई कॉफी का सेवन करने पर पित्ताशय की पथरी की समस्या दूर किया जा सकता है? आम तौर पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जो लोग एक दिन में कम से कम छे कप कॉफी के पीते हैं, दरअसल हाल ही में हुई इस शोध के अनुसार, उन लोगों में पित्ताशय की पथरी का जोखिम काफी ज्यादा कम देखा गया है। असल में, इस तरह की स्थिति में अगर इसके आंकड़ों की बात की जाये, तो जो लोग रोजाना शरीर को ऊर्जा देने के लिए कॉफी का सेवन करते हैं, दरअसल उन लोगों में कॉफी का सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में पित्ताशय की पथरी की समस्या का खतरा लगभग 23 प्रतिशत तक कम देखा गया है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या कहते हैं आंकड़े?

आम तौर पर, इस पर शोधकर्ताओं का कहना है, कि जो लोग दिन में एक कप कॉफी का सेवन करते हैं, दरअसल उन लोगों में पित्ताशय की पथरी की समस्या का खतरा लगभग 3 प्रतिशत तक कम होता है। आपको बता दें, कि दिन में कॉफी का सेवन करने की मात्रा बढ़ाने पर पित्ताशय की पथरी के खतरे की संभावना को काफी ज्यादा कम किया जा सकता है। 

दरअसल, कॉफी के लिए दी गई गाइडलाइंस के मुताबिक, एक दिन में 400 मिलीग्राम से भी ज्यादा कैफीन का सेवन करना सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। आम तौर पर, एक कप कॉफी में कैफीन की मात्रा लगभग 70 से 140 मिली -ग्राम तक हो सकती है। 

पित्ताशय में पथरी के क्या कारण हो सकते हैं? 

दरअसल, पित्ताशय में पथरी के कारण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. तेजी से वजन कम होना। 
  2. काफी ज्यादा मोटापा होना 
  3. समस्या में पारिवारिक इतिहास होना। 
  4. उम्र का ज्यादा होना। 
  5. इस दौरान पेट में काफी तेज दर्द की समस्या होना। 
  6. मधुमेह जैसी समस्याओं का होना। 
  7. काफी ज्यादा मात्रा में, तेल मसाले और कोलेस्ट्रॉल वाले भोजन का सेवन करना। 

दरअसल, पथरी के मामले में शोधकर्ताओं का मानना है, कि कैफीन का सेवन करने पर कोलेस्ट्रॉल से पथरी बनने की प्रक्रिया को काफी ज्यादा कम हो जाती है। इसके साथ ही, पित्ताशय की पथरी से अपना बचाव करने के लिए सेहतमंद खाने के साथ -साथ उसका समय पर सेवन करना काफी ज्यादा आवश्यक होता है। दरअसल, अगर आप इस दौरान कॉफी की सिमित मात्रा की बजाए, कॉफी का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं, तो इसके साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं।

निष्कर्ष: रोजाना कॉफी का सेवन करने से सेहत को बहुत से फायदे प्राप्त हो सकते हैं, पर इसके साथ -साथ इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। ज्यादातर कॉफी का सिमित मात्रा में सेवन किया जाना शरीर के लिए अच्छा होता है। इससे कई तरह की बीमारियों का जोखिम कम भी होता है, और अगर इसका सीमित मात्रा में सेवन न किया जाये, तो इससे बहुत सी बीमारियों का जोखिम बढ़ भी सकता है। इसलिए, इसका सेवन सिमित मात्रा में और किसी भी तरह की गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जा सकता है। दरअसल, ज्यादातर लोग अपने शरीर को ऊर्जा देने के लिए कॉफी का सेवन करते हैं और इसके साथ ही हाल ही में हुई एक शोध, कॉफी के एक और फायदे के बारे में बताती है, जिसमें कॉफी से पित्ताशय की पथरी का खतरा काफी कम हो सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और पथरी जैसी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या रोजाना घर के यह हेल्दी फूड खाने से चुरा बन सकती है गुर्दे की पथरी? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

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दरअसल, आज के समय में ज्यादातर लोगों की जीवन शैली व्यस्त होने की वजह से वह अपनी सेहत पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे पाते हैं। और अपनी सेहत का ध्यान न रखते हुए बस अपने पेट की भूख को शांत करने के लिए न जाने वह कितने ही प्रकार के फूड का सेवन कर लेते हैं। जिसका सीधा प्रभाव न केवल उनकी सेहत पर पड़ता है, बल्कि इससे किडनी भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कई फ़ूड इस तरह के होते हैं, जो किडनी में पथरी बनने की संभावना को काफी तेज कर देते हैं। पथरी जैसी समस्या के दौरान एक व्यक्ति को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह की दर्दनाक स्थिति से बचने के लिए और पथरी जैसी समस्या को किडनी में बनने से रोकने के लिए आप बाहर के खाने की बजाय घर के सेहतमंद खाने का सेवन कर सकते हैं। ऐसे में कई लोगों का सवाल है, कि क्या वाकई रोजाना घर के सेहतमंद खाने का सेवन करने से गुर्दे की पथरी चुरा बन सकती है? दरअसल हाँ, घर के ये सेहतमंद आहार किडनी में पथरी की समस्या को रोकने में काफी ज्यादा मददगार साबित हो सकते हैं, जिसमें रोजाना नींबू पानी का सेवन करना, भरपूर मात्रा में पानी को पीना, ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली और केले जैसी सब्जियों का सेवन करना और अपनी रोजाना की डाइट में साबुत अनाज को शामिल करना हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में और जानकारी लेते हैं। 

किडनी की पथरी से कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं?

दरअसल, किडनी की पथरी होने पर पीड़ित व्यक्ति को निम्नलिखित परेशानियों का अनुभव हो सकता हैं, जैसे कि 

  1. किडनी में पथरी के दौरान पेट या फिर बगल में असहनीय दर्द हो सकता है। 
  2. मतली और उल्टी जैसी समस्या हो सकती है 
  3. रोजाना बुखार चढ़ सकता है। 
  4. इस दौरान पेशाब करते वक्त पेशाब में खून आ सकता है। 
  5. बार -बार पेशाब करने की इच्छा प्रकट हो सकती है। 
  6. इस दौरान एक पीड़ित व्यक्ति को पीठ के निचले हिस्से में काफी ज्यादा दर्द का अनुभव हो सकता है। 

किडनी की पथरी के जोखिम कारक क्या हो सकते हैं?

किडनी की पथरी के जोखिम कारकों में निम्नलिखित कारक शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. अधिक वजन होना। 
  2. गैर सेहतमंद भोजन का सेवन करना। 
  3. शरीर में डिहाइड्रेशन होना। 
  4. दवा या फिर किसी प्रकार का सप्लीमेंट्स का सेवन करना। 
  5. उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी समस्या का होना। 

किडनी में पथरी को रोकने के स्वस्थ आहार कौन कौन से हो सकते हैं?

आम तौर पर, रोजमर्रा की जिंदगी में स्वस्थ आहार का चुनाव करने से न केवल किडनी सेहतमंद रहती है, बल्कि इससे किडनी में पथरी होने की संभावना भी काफी कम हो जाती है। किडनी में पथरी की समस्या को खत्म करने के लिए आप घर के कुछ सेहतमंद आहार को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. रोजाना भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना

अपने शरीर को सेहतमंद और पथरी जैसी समस्या से दूर रखने के लिए रोजाना भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना अत्यंत जरूरी होता है। इससे शरीर दिन भर हाइड्रेट रहता और पथरी जैसी गंभीर बीमारियों से बचा रहता है। जो लोग किडनी में पथरी जैसी समस्या से अक्सर परेशान रहते हैं, दरअसल उनके लिए यह घरेलू नुस्खा कारगर साबित हो सकता है। इस दौरान, व्यक्ति को रोजाना कम से कम 2 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।

  1. नींबू पानी 

दरअसल, नींबू में मिलने वाला साइट्रिक एसिड, जो किडनी में पथरी जैसी समस्या को बनने से रोकने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान कर सकता है। यहां तक कि यह किडनी में पहले से बनी पथरी को भी खत्म करने में काफी मददगार साबित होता है। इसके लिए आप रोजाना नींबू को पानी में निचोड़ पी सकते हैं। 

  1. सब्जियां 

आम तौर पर, ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली और केले जैसी सब्जियां सेहत के साथ साथ किडनी के लिए भी काफी ज्यादा लाभदायक साबित होती हैं। इन सब्जियों में पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में कैल्शियम की कमी जैसी समस्याओं को दूर कर सकता है। इसके अलावा, यह सब्जियां किडनी में पथरी को बनने से भी रोकने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान कर सकती हैं। 

  1. साबुत अनाज 

दरअसल, रोजाना साबुत अनाज का सेवन करने से न केवल किडनी में पथरी की समस्या कम होती है, बल्कि इससे आपका वजन भी नियंत्रित रह सकता है। 

निष्कर्ष: दरअसल, व्यस्त जीवनशैली के कारण ज्यादातर लोग बस अपनी भूख को मिटाने के लिए बिना सोचे समझे कई प्रकार के फ़ूड का सेवन कर लेते हैं, जिससे उनकी किडनी की सेहत पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे उनको किडनी में पथरी बनने का जोखिम काफी बढ़ जाता है और कई लोग किडनी में पथरी की समस्या का शिकार भी हो जाते हैं। इसलिए, पथरी जैसी समस्या से बचने के लिए आपको बाहर के खाने की बजाए घर के खाने को ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। इस दौरान, रोजाना नींबू पानी, ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली और केले जैसी सब्जी, साबुत अनाज और भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करने से गुर्दे में पथरी को बनने से रोका जा सकता है। घर के ये सेहतमंद आहार पथरी की समस्या को खत्म करने में काफी ज्यादा मददगार साबित हो सकते हैं। पथरी की गंभीर समस्या होने पर आपको अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किडनी में पथरी जैसी समस्या को खत्म करने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या किडनी की पथरी का पक्का इलाज हो सकता है खीरे का बीज? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

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रोजाना गलत खान पान का सेवन करना और जीवनशैली की गलत आदतों को अपनाने के कारण आज गुर्दे की पथरी से लाखों लोग जूझ रहे हैं। दरअसल, यह समस्या एक दर्दनाक स्थिति को पैदा कर सकती है, जिसकी वजह से एक व्यक्ति के रोजाना के काम बुरी तरीके से प्रभावित हो सकते हैं। किडनी की पथरी की समस्या से परेशान व्यक्तियों को पेट में असहनीय दर्द हो सकता है, जिसकी वजह से वह पूरा दिन परेशान नज़र आ सकते हैं। आम तौर पर, इलाज करवाने के बावजूद भी कुछ लोगों में किडनी की पथरी की समस्या बार-बार होती रहती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पथरी के मरीज का एक बार उपचार या फिर ऑपरेशन होने के बाद दोबारा से पथरी होना एक चिंता की बात हो सकती है। हालांकि, आयुर्वेदिक ग्रंथों में, गुर्दे में बार-बार होने वाली पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के कई उपाय उपलब्ध हैं, जिस में खीरे के बीजों से गुर्दे की पथरी को पूरी तरीके से ठीक किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के डॉक्टर से खीरे के बीजों से गुर्दे की पथरी से छुटकारा पाने के उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या है गुर्दे की पथरी?

दरअसल, किडनी स्टोन बहुत से मिनरल और साल्ट से बना एक ठोस पदार्थ होता है, जो आम तौर पर, किडनी में जमा हो जाता है। आम तौर पर, इनका आकार काफी छोटे दानों की तरह भी हो सकता है और कई बार बड़े पत्थरों की तरह भी हो सकता है। विशेष तौर पर किडनी की पथरी अक्सर कैल्शियम ऑक्सालेट, यूरिक एसिड या फिर अन्य मिश्रणों के क्रिस्टलाइज़ होकर जमने के कारण बनती है। 

किडनी की पथरी के लक्षण 

वैसे तो, किडनी में पथरी जैसी समस्या होने के कई लक्षण हो सकते हैं, पर इस समस्या के कुछ लक्षण निम्नलिखित अनुसार भी हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. पीड़ित व्यक्ति को बुखार आना। 
  2. अचानक चक्कर आ जाना। 
  3. जी मचलना जैसी समस्या का अनुभव होना। 
  4. पेशाब करते वक्त पेशाब से खून आना। 
  5. पेट में असहनीय दर्द का होना। 
  6. इस दौरान पीठ में दर्द होना। 
  7. पेशाब करते समय दिक्कत होना। 
  8. पेशाब की मात्रा में कमी होना। 

खीरे के बीज से किडनी की पथरी का उपचार

डॉक्टर के अनुसार, दुनिया में ऐसे कई लोग हैं, जो पथरी की समस्या का इलाज या फिर ऑपरेशन करवाने के बाद भी दोबारा से किडनी में पथरी होने की समस्या से परेशान रहते हैं। उनके लिए यह एक चिंता का विषय हो सकता है। 

दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि खीरे के बीजों से गुर्दे की पथरी को पूरी तरीके से ठीक किया जा सकता है, वो कैसे दरअसल, इसके लिए बाजार में मिलने वाले खीरों के बीजों को दूध में मिलाकर पीने से किडनी की पथरी को खत्म करने में काफी ज्यादा सहायता प्राप्त हो सकती है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप 200 ग्राम दूध को उबालकर उसको ठंडा करके और इसमें कम से कम 50 ग्राम खीरे के बीज डालकर मिक्सी में पीस लें। अगर आप डायबिटीज के मरीज नहीं हैं, तो इसमें थोड़ा सा गुड भी शामिल कर सकते हैं। कम से कम 15 दिन तक इसका सेवन करने से बार-बार होने वाली पथरी की समस्या को कम किया जा सकता है। 

निष्कर्ष: आयुर्वेदिक नजरिये से किडनी में बार-बार होने वाली पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए खीरे के बीजों का सेवन किया जा सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और किडनी की पथरी से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या ये 2 जूस पित्त की पथरी को तुरंत काट सकते हैं? जानें डॉक्टर से

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आजकल ज्यादातर लोगों को खराब खानपान की वजह से पथरी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है असल में, यह पथरी गुर्दे की भी हो सकती है और पित्त की भी हो सकती है। हालांकि, पित्ताशय की पथरी काफी ज्यादा दर्दनाक साबित हो सकती है। इसलिए, इस तरह की समस्या को नज़रअंदाज किये बिना तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पित्ताशय की थैली एक नाशपाती के आकार की तरह होती है, जो दिखने में काफी ज्यादा छोटी होती है। आम तौर पर, यह लिवर के आधार पर, मतलब कि निचले हिस्से पर स्थित होती है। दरअसल, पित्ताशय लिवर के द्वारा बनाए गए बाइल को स्टोर करता है, पर इस तरह की स्थिति में एक व्यक्ति के लाइफस्टाइल में थोड़ा सा भी बदलाव आने की वजह से पित्त की थैली पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है, जिसके फलस्वरूप पित्ताशय में पथरी का निर्माण होता है। इस तरह की स्थिति में कई लोगों के मन में सवाल उठता है, कि क्या पित्त की पथरी की समस्या को खत्म किया जा सकता है? दरअसल, हाँ पित्त की थैली से पथरी को दूर करने के लिए कुछ विशेष जूस का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, ये जूस पित्त की पथरी को तुरंत काटने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकते हैं। इसमें, हर्बल टी, नाशपती का जूस, एप्पल का जूस, नींबू का जूस और पेपरमिंट शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

पित्त की पथरी को तुरंत काटने वाले जूस 

  1. नींबू का जूस

दरअसल, नींबू का जूस पेट की सेहत के लिए काफी ज्यादा लाभदायक होता है। आम तोर पर, पथरी जैसी समस्या के दौरान आप रोजाना खाली पेट नींबू के रस का सेवन कर सकते हैं। लगभग एक हफ्ते तक ऐसा करने पर आपके पेट का दर्द कम होगा और पथरी जैसी समस्या से भी राहत मिलेगी। दरअसल, यह पित्त की पथरी को बिना दर्द के दूर करने आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकता है। 

  1. नाशपती का जूस

आम तौर पर, नाशपती का जूस हमारी पूरी सेहत के लिए काफी ज्यादा अच्छा होता है। दरअसल, नाशपाती के रस में काफी ज्यादा पेक्टिन पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक रूप से पित्त की पथरी को कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक आधा गिलास गर्म पानी में एक बड़ा चम्मच शहद का घोलें और फिर इसमें नाशपाती का निकाला हुआ रस डालें और अच्छे तरीके से मिलाएं। अच्छे तरीके से मिलाने के बाद अब इसका सेवन करें। यह सेहत और पथरी दोनों के लिए फायदेमंद होता है। 

निष्कर्ष:

दरअसल, खराब खानपान और लाइफस्टाइल में होने वाला थोड़ा सा भी बदलाव पित्त की पथरी का कारण बन सकता है। इस समस्या के दौरान पीड़ित व्यक्ति को असहनीय दर्द होता है, जिसकी वजह से वह अपने रोजाना के कामों को भी नहीं कर पाता है। इस तरह की स्थिति में, हर्बल टी, नाशपती का जूस, एप्पल का जूस, नींबू का जूस और पुदीने जैसे पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, ये पित्त की पथरी को तुरंत काटने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकते हैं। पथरी की गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भी पित्त में किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिस का आप तुरंत समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या पुरुषों को भी हो सकती है यूटीआई की समस्या? शुरुआत में दिख सकते हैं, ये 3 लक्षण

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दरअसल, कुछ समस्याएं इस तरह की होती हैं, जो ज्यादातर केवल महिलाओं में ही देखने को मिलती हैं, जैसे कि यूटीआई की समस्या। पर आज के समय में, इस तरह की समस्या को पुरुषों में भी देखा जा सकता है। आम तौर पर, विशेष रूप से अगर यूटीआई की बात की जाये, तो यह यूरिन ट्रांसमिटेड इंफेक्शन होती है, जिससे पुरुष भी प्रभावित हो सकते हैं। 

इस बात को सभी जानते हैं, कि इस समस्या के ज्यादातर मामले महिलाओं में ही देखने को मिलते हैं, तो जाहिर सी बात है, कि पुरषों को भी उन्ही से जोड़ा जाएगा। अब सवाल इस बात का है, कि क्या पुरुषों को भी यूटीआई की समस्या हो सकती है? दरअसल, हाँ पुरुषों में भी यूटीआई जैसी समस्या देखने को मिल सकती है। हालांकि इसके ज्यादातर केस महिलाओं में देखने को मिलते हैं, पर पुरुष भी इस तरह के संक्रमण से प्रभावित हो सकते हैं। विशेष रूप से 40 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्तिओं में इसका खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। दरअसल, पुरुषों में यूटीआई जैसी समस्या दिखती कम है, पर जब होती है, तो काफी ज्यादा जटिल और अक्सर देर से पकड़ में आती है। आम तौर पर, इसके शुरुआती लक्षणों में पेशाब करते समय जलन या फिर काफी ज्यादा दर्द होना, बार-बार पेशाब करने या फिर आने की इच्छा होना, पेशाब का धुंधला या फिर बदबूदार होना, निचले पेट या फिर कमर के निचले हिस्से में काफी ज्यादा दर्द महसूस होना और इसके साथ ही काफी ज्यादा बुखार और थकान का अनुभव होना जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

पुरुषों में यूटीआई की समस्या क्यों होती है?

डॉक्टर के अनुसार, पुरुषों में यूटीआई की समस्या होने के कई कारण शामिल हो सकते हैं, जैसे कि प्रोस्टेट का बढ़ना, कम पानी पीना, कमजोर इम्यूनिटी, असुरक्षित सेक्स, लंबे समय तक यूरिनरी रिटेंशन या फिर यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट होना आदि। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कई डायबिटीज वाले पुरुषों में भी इसका ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।

पुरुषों में यूटीआई के शुरुआती लक्षण: 

डॉक्टर के अनुसार, अक्सर पुरुष शर्म या फिर लापरवाही की वजह से यूटीआई के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान नहीं देते हैं, पर इस तरह लक्षण जैसे बार-बार पेशाब आना, जलन होना और बदबूदार मूत्र जैसे लक्षण दिखाई दें तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। दरअसल, इलाज में देरी होने पर संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है, जिससे स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। इसलिए समय पर इलाज महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, पुरुषों में यूटीआई के शुरुआती लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. पेशाब करते समय जलन या फिर दर्द होना 

असल में, इस समस्या के सबसे आम लक्षणों में पेशाब करते समय जलन या चुभन शामिल है। बहुत से लोग इसे आम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, पर डॉक्टरों के अनुसार, यह शुरुआती इन्फेक्शन का सबसे अहम संकेत है, जिस पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक होता है। 

  1. बुखार और थकान महसूस होना

असल में, जब UTI बढ़ता है, तो आपको बुखार, ठंड लगना और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। यह शरीर का इम्यून रिस्पांस होता है, जो बताता है, कि बैक्टीरिया तेजी से बढ़ रहे हैं और इलाज तुरंत शुरू कर देना चाहिए।

  1. बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना 

दरअसल, डॉक्टर के अनुसार, कभी-कभी बार-बार पेशाब आना एक आम बात होती है, पर पेशाब आने की इच्छा यूटीआई का संकेत हो सकती है। यह लक्षण इसलिए होता है, क्योंकि इन्फेक्शन ब्लैडर को बहुत सेंसिटिव बना देता है।

निष्कर्ष :

दरअसल, यूटीआई एक यूरिन ट्रांसमिटेड इंफेक्शन होती है, जिससे सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी काफी ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इस समस्या का खरता काफी ज्यादा होता है। भले ही पुरुषों में इस समस्या को कम देखा जाता है, पर जब यह समस्या होती है, तो एक गंभीर रूप धारण कर सकती है। इसलिए, पेशाब करते समय जलन, दर्द, बार-बार पेशाब करने की इच्छा, पेशाब का धुंधला या फिर बदबूदार होना, निचले पेट या फिर कमर के निचले हिस्से में काफी ज्यादा दर्द महसूस होना जैसे इसके शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है, ताकि समय रहते समस्या का उपचार हो सके। क्योंकि अगर समय पर इसका इलाज और पहचान न की जाये, तो यह संक्रमण किडनी तक पहुंचकर एक गंभीर रूप धारण कर सकता है। बेहतर निगरानी, अच्छी हाइजीन और खूब पानी पीने से इस इन्फेक्शन को आसानी से रोका जा सकता है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी या फिर अगर आपको भी यूटीआई जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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प्रोस्टेट संक्रमण क्या होता है? लक्षण, कारणों और उपचार के विकल्पों के बारे में जानें डॉक्टर से

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दरअसल, प्रोस्टेट ग्लैंड काफी ज्यादा छोटा होता है, पर यह सभी पुरुषों की सेहत में एक महत्वपूर्ण भूमिका को निभाता है। आपको बता दें, कि ब्लैडर के ठीक नीचे की तरफ मौजूद, अखरोट के आकार का यह ग्लैंड, दरअसल वीर्य द्रव की पैदावार में काफी ज्यादा सहायक होता है, जो आम तौर पर शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करने में मदद करता है, और इन को शरीर तक पहुंचाता है। आम तौर पर, प्रोस्टेट में सूजन या फिर संक्रमण जिसे प्रोस्टेटाइटिस भी कहा जाता है, जिसकी वजह से पुरुषों को बहुत ज्यादा दर्द, बेचैनी और पेशाब से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही इसके लक्षणों में, व्यक्ति को पेशाब करते समय दर्द या फिर जलन महसूस होना और पीठ के निचले हिस्से, कमर या फिर श्रोणि क्षेत्र में दर्द होना शामिल हो सकता है, जिस के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाओं का उपयोग किया जा सकता है और यह जीवाणु संक्रमण, मूत्र मार्ग संक्रमण और श्रोणि में चोट के कारण हो सकता है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज करने की बजाए, तुरंत डॉक्टर के साथ संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। आइये इस लेख के माध्यम से प्रोस्टेट संक्रमण के प्रमुख लक्षणों, उनके कारणों और उपचार के विकल्पों के बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

प्रोस्टेट संक्रमण (प्रोस्टेटाइटिस) क्या होता है?

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि प्रोस्टेट संक्रमण या फिर प्रोस्टेटाइटिस तब होता है, जब बैक्टीरियल संक्रमण या फिर दूसरे नॉन-बैक्टीरियल कारणों की वजह से प्रोस्टेट ग्लैंड में, सूजन जैसी समस्या का उत्पादन हो जाता है, या फिर सूजन आ जाती है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्तिओं को प्रभावित कर सकती है, पर ये समस्या ज़्यदातर 30 से 50 साल की उम्र के लोगों के बीच सबसे ज्यादा आम देखि जा सकती है। 

दरअसल, इस तरह की समस्या के बढ़ने के तरीके और समय के आधार पर, प्रोस्टेटाइटिस को चार मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है, जिस में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  1. एक्यूट बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस
  2. क्रोनिक बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस
  3. लक्षणहीन सूजन संबंधी प्रोस्टेटाइटिस
  4. क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस इस फिर क्रोनिक पेल्विक पेन सिंड्रोम (सीपी/सीपीपीएस)

प्रोस्टेट संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

आपको बता दें, कि पुरुषों में प्रोस्टेट संक्रमण के लक्षण अक्सर संक्रमण की गंभीरता और प्रकार के आधार पर अलग -अलग दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, कई चेतावनीयों के संकेत आम हो सकते हैं, पर इनको कभी भी नज़रअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रोस्टेट संक्रमण के आम लक्षणों में निम्नलिखत लक्षण शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. व्यक्ति को पेशाब करते समय दर्द या फिर जलन अनुभव होना (डिसुरिया)
  2. किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने की इच्छा प्रकट होना। 
  3. पेशाब करने या फिर पेशाब की धारा को बनाकर रखने में काफी ज्यादा परेशानी होना। 
  4. व्यक्ति के पीठ के निचले हिस्से में, कमर में या फिर श्रोणि क्षेत्र में काफी ज्यादा दर्द का एहसास होना। 
  5. स्खलन के दौरान दर्द, कामेच्छा में कमी या फिर इरेक्शन बनाए रखने में काफी ज्यादा दिक्कत होना। 
  6. पेशाब या फिर वीर्य में दिखाई देने वाले परिवर्तन। 
  7. बुखार होना, ठंड लगना और शरीर में काफी ज्यादा दर्द का अनुभव होना। 
  8. लगातार बेचैनी या फिर थकान महसूस होना (मलाइज़) 

दरअसल, अगर आपको इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव होता है, तो इसको बिलकुल भी नज़रअंदाज न करें, इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

प्रोस्टेट संक्रमण के कारण क्या हैं?

प्रोस्टेट संक्रमण कई कारणों से हो सकता है, जिन में सबसे आम कारण निम्नलिखित अनुसार हैं:

  1. जीवाणु संक्रमण होना। 
  2. मूत्र मार्ग में संक्रमण होना। 
  3. मूत्रमार्ग में रुकावट या फिर संकुचन होना। 
  4. श्रोणि में चोट लगना। 

प्रोस्टेट संक्रमण के उपचार के विकल्प

दरअसल, प्रोस्टेट इन्फेक्शन के लक्षणों का उपचार ज्यादातर, इस बात पर निर्भर करता है, कि यह संक्रमण बैक्टीरियल है, या फिर नॉन-बैक्टीरियल है। प्रोस्टेट संक्रमण के आधार पर, इसके उपचार के विकल्पों में ये शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. एंटीबायोटिक थेरेपी
  2. अल्फा-ब्लॉकर्स
  3. एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं
  4. फिजियोथेरेपी और पेल्विक फ्लोर व्यायाम
  5. जीवनशैली में बदलाव करना। 
  6. गर्म पानी से नहाना और ज्यादातर तरल पदार्थों का सेवन करना। 

निष्कर्ष: किसी भी तरह की कोई गंभीर स्थिति उत्पन्न होने से पहले हमारा शरीर हल्के संकेतों को प्रदान करता है। जैसे कि प्रोस्टेट इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षणों में दर्द होना, पेशाब में बदलाव या फिर पेल्विक हिस्से में तकलीफ होना आदि शामिल होता है। इन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, समय पर पहचान और इलाज सेहत के लिए ज़रूरी है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी या फिर अगर आपको भी प्रोस्टेट इन्फेक्शन जैसी कोई समस्या है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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किडनी में पथरी की समस्या से बचाव के लिए, डाइट में शामिल करें ये 4 तरल पदार्थ, आपको मिला फायदा

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आम तौर पर, किडनी में पथरी की समस्या जितनी ज्यादा आम होती है, उतनी ही ज्यादा गंभीर और दर्दनाक भी होती है। दरअसल, किडनी की समस्या में एक व्यक्ति को असहनीय दर्द होता है, जिसमें वह कुछ भी नहीं कर पाता और इस से उसके दिनभर के काम भी काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं। आपको बता दें, कि किडनी में पथरी की समस्या खानपान से जुड़ी एक बीमारी है। जिससे, आज के समय में काफी ज्यादा लोग प्रभावित हैं। यह लगभग, सभी जानते हैं, कि जब किडनी में मिनरल और सोडियम का धीरे-धीर जमाव होता है, तो यह काफी ज्यादा ठोस बन जाता है और इसी ठोस जमाव को पथरी के रूप में देखा जाता है। आम तौर पर, एक व्यक्ति की किडनी में पथरी का आकार अलग-अलग हो सकता है और उसी के हिसाब से आपको दर्द या फिर परेशानी हो सकती है। आपको बता दें, कि जब किडनी में पथरी का आकार काफी ज्यादा छोटा होता है, तो यह एक व्यक्ति के मूत्र मार्ग के माध्यम से आसानी से बाहर निकल जाता है और इसमें किसी भी प्रकार का कोई गंभीर दर्द नहीं होता है। पर, इसके उल्ट जब किडनी में पथरी का आकार काफी ज्यादा बड़ा होता है, तो यह दर्दनाक हो सकती है। इस तरह की स्थिति में असहनीय दर्द का अहसास हो सकता है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या से बचने के लिए आप अपनी डाइट में कुछ तरल पदार्थ को शामिल कर सकते हैं। इन तरल पदार्थों का रोजाना सेवन करने से किडनी की पथरी से बचा जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में, इस के डॉक्टर से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

किडनी में पथरी की समस्या से बचने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 तरल पदार्थ

  1. पानी

आम तौर पर, किडनी में पथरी की समस्या के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही, इस तरह की समस्या से बचने के लिए भी रोजाना पानी पीना काफी ज्यादा जरूरी होता है। आपको बता दें, कि रोजाना पानी का सेवन करने से शरीर में जमा सभी जहरीले पदार्थ पेशाब के जरिये बाहर निकल जाते हैं। अगर रोजाना 8 से 10 गिलास पानी के पिए जाएँ, तो किडनी में होने वाली पथरी की समस्या को भी रोका जा सकता है। 

  1. नींबू का जूस

वैसे तो, नींबू का जूस सभी को पीना चाहिए, क्योंकि यह सेहत के लिए काफी ज्यादा लाभदायक होता है। आपको बता दें, कि नींबू का जूस विटामिन सी से भरपूर होता है और रोजाना इसका सेवन शरीर की इम्यूनिटी को काफी ज्यादा बढ़ाता है। दरअसल, नींबू के रस में सिट्रिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो आम तौर पर, ऑक्सालेट और सोडियम जैसे तत्वों के जमाव को घोल देता है। इससे किडनी में, बने पथरी के छोटे-छोटे कण मूत्र मार्ग के माध्यम से पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकलते रहते हैं और यह शरीर में, मौजूद जहरीले पदार्थों को भी बाहर निकालने में काफी ज्यादा सहायता करता है। किडनी में पथरी की समस्या से बचाव के लिए आप रोजाना एक गिलास नींबू के जूस का सेवन कर सकते हैं। 

  1. अनार का जूस

दरअसल, किडनी में पथरी की समस्या से बचाव के लिए आप रोजाना अनार के जूस का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि अनार का जूस पोषक तत्वों से काफी ज्यादा भरपूर होता है। आपको बता दें कि अनार के जूस में ऐसे पोषक तत्वों होते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं। इसके साथ ही, अनार का जूस किडनी में मौजूद पथरी को तोड़ने में भी काफी ज्यादा सहायता करता है। 

  1. हर्बल टी

किडनी में पथरी की समस्या से बचने के लिए आप धनिया, तुलसी, कैमोमाइल, अदरक और पुदीने की चाय का सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही, इस तरह की समस्या के लिए हर्बल टी का सेवन एक बहुत ही अच्छा विकल्प हो सकता है। आम तौर पर, इन हर्बल टी के सेवन से हमारी पाचन शक्ति बेहतर रहती है और किडनी में पथरी की समस्या से बचाव होता है। 

निष्कर्ष

आज के समय में पथरी की समस्या होना काफी ज्यादा आम है। दरअसल पथरी का आकार छोटा भी हो सकता है और बड़ा भी हो सकता है। किडनी में पथरी की समस्या खानपान से जुड़ी एक बीमारी है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए अपने खानपान में सुधार करना जरूरी होता है। किडनी में पथरी की समस्या से बचने के लिए आप अपनी डाइट में ऊपर बनाए गए तरल पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। पथरी की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूरी होता है। अगर आपको भी इस तरह कोई समस्या है और आप इसका इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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क्या वाकई कैल्शियम की गोली लेने से किडनी में पथरी की समस्या होती है? जानें डॉक्टर से

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सेहतमंद खनिज, हमारे शरीर के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। इसी तरह हमारे शरीर के लिए कैल्शियम काफी ज्यादा जरूरी होता है। दरअसल, हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी होने की वजह से कई तरह की समस्याएं जैसे कि हड्डियां, दांत और नाखून कमजोर होने लग जाते हैं। इस तरह की स्थिति में, ख़ास तौर पर जिन लोगों की हड्डियां काफी ज्यादा कमजोर हो जाती हैं, दरअसल, उनको रोजाना कैल्शियम की गोली का सेवन करने के लिए कहा जाता है। आम तोर पर, इस तरह की स्थिति में, लोगों के मन में कैल्शियम की गोली को लेकर कई तरह के वहम हैं, जैसे कि कैल्शियम की गोली का सेवन करने से किडनी में पथरी की समस्या हो जाती है। अगर आप भी इन वहमों पर विश्वास करते हैं, तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या वाकई, कैल्शियम की गोलियों का सेवन करने से किडनी में पथरी होती है?

दरअसल, लोगों के इस भ्रम पर डॉक्टर का कहना है, कि कैल्शियम की गोली या फिर सप्लीमेंट का सेवन करने से किडनी में पथरी जैसी किसी भी समस्या का उत्पादन नहीं नहीं होता है। डॉक्टर के अनुसार, सोशल मीडिया पर इस तरह के जो भी वीडियो हैं, वह सभी एक तरह से गलत हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि किडनी में पथरी की समस्या बनने का मुख्य कारण ऑक्सालेट होता है। असल में, ऑक्सालेट हमारे भोजन के जरिए शरीर में फैलता है। आम तौर पर, डॉक्टर के अनुसार जिन लोगों के भोजन में लगातार कैल्शियम और विटामिन डी की कमी होती है, दरअसल उन लोगों को किडनी में पथरी बनने का खतरा काफी ज्यादा होता है। इसलिए, आपकी रोजाना की डाइट में विटामिन डी और कैल्शियम की पर्याप्त का होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आपको बता दें, कि अगर कोई व्यक्ति अपनी रोजाना की डाइट में सही मात्रा में कैल्शियम का सेवन करता है, तो ऐसी स्थिति में ऑक्सालेट दांतों से चिपकता नहीं है और आसानी से यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है और जब ऑक्सालेट हमारे शरीर से आसानी से बाहर निकल जाता है, तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति को किडनी में पथरी बनने की समस्या कभी भी नहीं होती है। 

कैल्शियम के लिए सबसे अच्छा सप्लीमेंट कौन सा है?

दरअसल, इस तरह की स्थिति में डॉक्टर का कहना है, कि किडनी में पथरी या फिर कोई अन्य समस्या न हो और शरीर में कैल्शियम को पूरा करने के लिए कैल्शियम सिट्रेट वाले सप्लीमेंट का सेवन करना चाहिए। दरअसल, सिट्रेट यूरिन के रास्ते से निकलकर पथरी बनाने वाले तत्वों को नष्ट कर देता है। 

निष्कर्ष

शरीर के लिए कैल्शियम काफी ज्यादा जरूरी होता है। डॉक्टर के अनुसार, कैल्शियम की गोली या फिर सप्लीमेंट का सेवन करने से किडनी में पथरी जैसी किसी भी समस्या का उत्पादन नहीं नहीं होता है। पर इस दौरान ध्यान देने वाली बात यह है, कि इसके ज्यादा सेवन से किडनी में पथरी की समस्या हो सकती है। इसलिए, कम मात्रा में इसका सेवन, किडनी में पथरी जैसी समस्या का उत्पादन नहीं करता है। जिन लोगों को किडनी से संबंधित कोई अन्य परेशानी होती है, उनको कैल्शियम की गोली या फिर अन्य सप्लीमेंट को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर आपको भी किडनी में पथरी या फिर किडनी से संबंधित कोई समस्या है और आप इसका इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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क्या संबंध होता है हमारी किडनी और ब्लड प्रेशर के बीच? डॉक्टर से जानें

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आज के समय में ज्यादातर लोग अपने काम में व्यस्त रहते हैं, इसलिए, आजकल के वर्किंग कल्चर और गैर सेहतमंद जीवनशैली को अपनाने की वजह से बहुत सारे लोग हाई ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

अगर इस तरह की स्थिति को गहराई से समझा जाये, तो जो लोग लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठकर काम करते रहते हैं, दरअसल वह फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड जैसे पदार्थों का काफी ज्यादा सेवन करते हैं। आपको बता दें, कि इस तरह के लोग काम के चक्क्र में कम नींद को लेते हैं, जिसकी वजह से ऊके तनाव का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है। आम तौर पर, यह सभी कारक न केवल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ावा देते हैं, बल्कि किडनी को भी खराब करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका को निभाते हैं। आपको बता दें, कि अगर समय रहते इन बढ़ती समस्यायों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो यह समस्याएं आगे चलकर किडनी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। अगर आप इस तरह की समस्याओं से अपना बचाव करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको समय रहते सही खानपान, एक्सरसाइज और सेहतमंद लाइफस्टाइल को अपनाने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। इस तरह की स्थिति में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है, कि आखिर किडनी और ब्लड प्रेशर के बीच में क्या संबंध होता है? तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे कि आखिर ब्लड प्रेशर और किडनी के बीच क्या संबंध है?

ब्लड प्रेशर और किडनी के बीच क्या संबंध होता है?

आपको बता दें कि हमारे शरीर के लिए किडनी बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। दरअसल हमारे शरीर में किडनी का मुख्य काम शरीर में मौजूद जहरीले पदार्थों और ज्यादा पानी को फिल्टर करके पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकालना होता है। आमतौर पर, जिसकी वजह से हमारे शरीर का संतुलन बना रहता है। दरअसल, जब हमारे ब्लड प्रेशर की समस्या में बढ़ोतरी होती है, तो इसकी वजह से किडनी की ब्लड वेसेल्स (रक्त वाहिकाएं) संकुचित हो जाती हैं, जिसकी वजह से किडनी को पर्याप्त मात्रा में खून की सप्लाई नहीं मिल पाती है। आपको बता दें कि इसके कारण किडनी फिल्टर्स पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से हमारी किडनी धीरे-धीरे खराब होना शुरू हो जाती है। आम तौर पर, इसके अलावा जब हमारे शरीर में किडनी सही तरीके से काम नहीं करती है, तो हमारे शरीर में फ्लूइड और सोडियम की काफी मात्रा जमा होना शुरू हो जाती है, जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है। 

ब्लड प्रेशर बढ़ने पर किडनी पर क्या असर पड़ता है?

आम तौर पर, अगर हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या किसी व्यक्ति को काफी लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह एक आगे चलकर किडनी फेल होने का कारण बन सकती है। जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है, हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या के कारण न केवल किडनी में मौजूद ब्लड वेसल सिकुड़ जाती हैं, बल्कि वे सख्त भी हो जाती हैं। इसके कारण एक व्यक्ति की किडनी में खून का प्रवाह कम हो जाता है, जिसकी वजह से किडनी के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है। इसके साथ ही, जब किडनी को पर्याप्त मात्रा में खून की सप्लाई नहीं मिल पाती है, तो वह शरीर में से जहरीले पदार्थों को और शरीर में मौजूद ज्यादा पानी को बाहर नहीं निकल पाती है। इसकी वजह से शरीर में क्रिएटिनिन, यूरिया और अन्य वेस्ट प्रोडक्ट्स काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं, जो एक समय पर किडनी फेल होने का प्रमुख कारण बन सकते हैं। 

  1. हाई बीपी की वजह से ग्लोमेरुलस को काफी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है, जिसके कारण, यूरिन में प्रोटीन लीक होने की समस्या हो सकती है, जो किडनी खराब होने का एक प्रमुख संकेत माना जाता है। 
  2. आम तौर पर, अगर समय रहते हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या का इलाज न किया जाये, तो यह क्रोनिक किडनी डिजीज का रूप धारण कर सकते हैं, जहां एक समय पर आकर किडनी बिलकुल काम करना बंद कर देती है। दरअसल, इस तरह की स्थीत में एक मरीज को डायलिसिस या फिर किडनी ट्रांसप्लांट जैसे विकल्पों का सहारा लेना पड़ता है। 

निष्कर्ष

जो लोग लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठकर काम करते रहते हैं, वह फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड जैसे पदार्थों का काफी ज्यादा सेवन करते हैं। ऐसे लोग काम के चक्क्र में कम नींद लेते हैं,और अपने तनाव के स्तर को बड़ा लेते हैं। यह सभी कारक न केवल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ावा देते हैं, बल्कि किडनी को भी खराब करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका को निभाते हैं। किडनी और हाई ब्लड प्रेशर एक दूसरे की सेहत पर एक गहरा प्रभाव डालते हैं। अगर लम्बे वक्त तक ब्लड प्रेशर हाई रहता है, तो यह किडनी फेल होने का कारण बनता है। वहीं अगर हमारी किडनी सही से काम नहीं करती है, तो ब्लड प्रेशर जैसी समस्या बढ़ने लगती है। इसलिए समय समय पर इन दोनों की जांच करवाना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। अगर आपको भी हाई ब्लड प्रेशर और किडनी में किसी भी प्रकार की कोई समस्या है, और आप इसका इलाज करवाना चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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