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किडनी स्टोन के अलावा वो कौन से 8 कारण हैं, जो किडनी में दर्द का कारण बन सकते हैं? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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किडनी स्टोन के अलावा वो कौन से 8 कारण हैं, जो किडनी में दर्द का कारण बन सकते हैं? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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दरअसल, इसके बारे में लगभग सभी जानते हैं, कि किडनी हमारे शरीर के लिए कितनी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। यह शरीर में एक अहम भूमिका निभाती है, जो हमारे शरीर में जमा गंदगी को निकालने में हमारी काफी ज्यादा सहायता करती है। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हमारे शरीर में किडनी पेशाब के जरिये शरीर की गंदगी को बाहर निकालने का काम करती है और साथ में शरीर के केमिकल को बनाए रखने का काम करती है। पर, जब हमारी किडनी में किसी भी तरह की कोई भी परेशानी आती है, तो इस दौरान हमारा शरीर बहुत से संकेतों को प्रदान करता है। कई बार किडनी का दर्द असहनीय हो सकता है, जो एक व्यक्ति की जीवन शैली को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। किडनी में दर्द किडनी स्टोन के अलावा और भी बहुत से कारणों की वजह से हो सकता है, जिसमें किडनी में कैंसर, चोट, पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज, किडनी इन्फेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट, यूरेटेरो पेल्विक जंक्शन ऑब्स्ट्रक्शन, वेसिको-यूरेथ्रल रिफ्लक्स और यूरिनरी रिटेंशन जैसे कारण शामिल हो सकते हैं। ऐसे में, जब भी आपको अपनी किडनी में दर्द महसूस होता है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

गुर्दे में दर्द का मुख्य कारण क्या हो सकता है?

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हमारी किडनी यानी कि गुर्दे ब्लैडर और यूट्रस से भी जुड़े हुए होते हैं। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति के दौरान जब किडनी में किसी भी तरह की कोई भी समस्या हो जाती है, तो किडनी के साथ- साथ यह सभी हिस्से भी काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं। किडनी में होने वाले दर्द के कुछ संभावित कारणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. किडनी स्टोन

यह सभी जानते हैं, कि शरीर में जमा होने वाले मिनरल्स की वजह से किडनी में पथरी की समस्या उत्पन्न होती है। दरअसल, इस पथरी के यूरिनरी ट्रैक्ट में फंसने पर आपको काफी ज्यादा तेज दर्द महसूस हो सकता है। 

  1. यूरिनरी रिटेंशन

यूरिनरी रिटेंशन यानी कि पेशाब में रुकावट। इस तरह की स्थिति के दौरान एक व्यक्ति अपना ब्लैडर अच्छे तरीके से खाली नहीं कर पाता है, जिससे दर्द महसूस हो सकता है। यह समस्या अचानक से या फिर उम्र के साथ धीरे-धीरे हो सकती है। 

  1. वेसिकोरेट्रल रिफ्लक्स

दरअसल, यूरिन रिफ्लक्स के दौरान पेशाब आपके ब्लैडर से पीछे की ओर आपके यूरेटर्स या फिर किडनी की तरफ बहने लग जाता है। हालांकि, वेसिको-यूरेथ्रल रिफ्लक्स की समस्या किसी को भी प्रभावित कर सकती है। पर, यह समस्या ज्यादातर शिशुओं और छोटे बच्चों में काफी ज्यादा देखने को मिल सकती है। जिससे किडनी में दर्द हो सकता है। 

  1. यूरेटेरोपेल्विक जंक्शन ओबस्ट्रुक्शन

आम तौर पर, इस तरह की स्थिति के दौरान ब्लॉकेज की समस्या तब होती है, जब आपकी मूत्रवाहिनी आपकी किडनी से जुड़ी हुई होती है। इसके कारण एक व्यक्ति को पीठ में दर्द हो सकता है, जिसका फैलाव पेट या फिर पीठ के निचले हिस्से तक हो सकता है। 

  1. पेशाब की नली में रुकावट

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि असल में यूरेटर वो ट्यूब होते हैं, जो आम तौर पर, पेशाब को आपकी किडनी से आपके ब्लैडर तक ले जाते हैं। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर, यूरेटर एक या फिर दोनों तरफ सिकुड़ सकता है, जो किडनी में दर्द का कारण बन सकता है। 

  1. गुर्दे का संक्रमण

दरअसल, गुर्दे में संक्रमण जैसी स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब बैक्टीरिया आपकी किडनी यानी कि गुर्दे को पूरी तरीके से संक्रमित कर देते हैं। इस तरह की स्थिति में आपको बुखार, ठंड लगना, पीठ में दर्द और उल्टी होना जैसे लक्षण नज़र आ सकते हैं। इससे किडनी में काफी ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है। 

  1. पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज

इस तरह की समस्या के दौरान जैसे-जैसे सिस्ट फैलता है, वैसे -वैसे किडनी का आकार बड़ा होता जाता है और इस दौरान काफी ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है। ऐसे में, नतीजा यह निकलता है, की किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती है। 

  1. चोट

दरअसल, बहुत सी चोटों की वजह से किडनी को काफी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। आम तौर पर, इसकी वजह से पेशाब में या फिर किडनी के आसपास ब्लीडिंग होने की वजह से पेशाब के साथ-साथ खून का लीकेज भी हो सकता है। जिससे किडनी में काफी ज्यादा दर्द हो सकता है। 

निष्कर्ष: किडनी हमारे शरीर में एक अहम भूमिका निभाती है, जो शरीर से जमा गंदगी को निकालने में हमारी बहुत मदद करती है। हमारी किडनी ब्लैडर और यूट्रस से भी जुड़ी हुई होती है, तो ऐसे में जब किडनी में कोई दिक्कत-परेशानी आती है, तो किडनी के साथ यह हिस्से भी प्रभावित होते हैं। किडनी में पथरी के अलावा, किडनी में कैंसर, चोट, पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज, किडनी इन्फेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट, यूरेटेरो पेल्विक जंक्शन ऑब्स्ट्रक्शन, वेसिको-यूरेथ्रल रिफ्लक्स और यूरिनरी रिटेंशन जैसे कारणों की वजह से भी किडनी में दर्द की समस्या हो सकती है। किडनी में होने वाले इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए समय पर इन समस्याओं का इलाज और जांच बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं। किडनी में गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की आम से गंभीर समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या वाकई गुर्दे की पथरी को तोड़कर बाहर निकाल सकता है यह हर्बल वॉटर? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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दरअसल आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि गोक्षुर या फिर गोखरू एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जिस को ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस के नाम से भी जाना जाता है। आम तौर पर, यह एक छोटी पत्तेदार आयुर्वेदिक औषधि की तरह होती है। जो कई तरह की समस्याओं को ठीक करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। दरअसल, जो व्यक्ति पेशाब से जुड़ी बीमारियों, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, प्रोस्टेट ग्रंथि की बीमारियों, दिल से जुड़ी बीमारियों और साथ में गुर्दे की समस्याओं से पीड़ित होते हैं, यह औषधि, विशेष तौर पर इन मरीजों को ठीक करने के लिए ही इस्तेमाल की जाती है। इसके अलावा, यह औषधि एक व्यक्ति की मसल्स को बढ़ाने, व्यक्ति की मेमोरी को पूरी तरीके से शार्प करने और साथ में पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही कामेच्छा को बढ़ाने में भी काफी ज्यादा सहायक साबित होती है। यह सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होती है, इसलिए किसी भी समस्या के दौरान इसका इस्तेमाल अक्सर डॉक्टर की सलाह पर किया जाना चाहिए। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आयुर्वेदिक डॉक्टर ज्यादातर गोक्षुर या फिर गोखरू का इस्तेमाल गुर्दे की पथरी को ठीक करने के लिए ही करते हैं। ऐसे में, यह भी सच है, कि गोक्षुर या फिर गोखरू गुर्दे की पथरी को तोड़ने और शरीर से बाहर निकालने में काफी ज्यादा प्रभावी मानी जाती है। इसके लिए गोक्षुर का हर्बल वाटर का सेवन करना काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। दरअसल, यह सेहत के साथ- साथ गुर्दे की पथरी में भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। इसलिए, ज्यादातर डॉक्टर गुर्दे की पथरी का इलाज करने के लिए इस पानी का इस्तेमाल करते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इसके आयुर्वेदिक डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या वाकई गुर्दे की पथरी को खत्म करने में फायदेमंद होता है गोक्षुर का हर्बल वाटर?

दरअसल, आयुर्वेदिक डॉक्टर का इस पर कहना है, कि गोक्षुर का हर्बल वाटर यूरिनरी कैलकुली में काफी ज्यादा लाभदायक साबित होता है। आम तौर पर , गोक्षुर के हर्बल वाटर में लिथोट्रिप्टिक एक्टिविटी मौजूद होती है, जो गुर्दे में मौजूद पथरी को तोड़ने का बल रखती है। दरअसल, इसका इस्तेमाल करने के लिए आप सबसे पहले कम से कम दो चम्मच गोक्षुरा पाउडर को लें और उसको पानी में मिलाकर अच्छे से उबाल लें या फिर इसके अलावा, एक गोक्षुरा के फल को अच्छे तरीके से सुखा लें और उसको अच्छे से क्रश कर लें और कम से कम दो लीटर पानी में मिलाकर इसे 15 मिनट तक अच्छे तरीके से उबाल लें। इसके बाद इसको अच्छे तरीके से छान लें और पी लें। इसका सेवन आप रोजाना पानी की जगह पर कर सकते हैं। 

गुर्दे की पथरी के लिए क्यों कारगर माना जाता है गोक्षुर का वाटर?

आम तौर पर, गोक्षुर का वाटर निम्नलिखित कारणों की वजह से कारगर साबित हो सकता है, जैसे कि 

  1. दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पारंपरिक गोक्षुर चूर्ण का सेवन न केवल शरीर से ज्यादा यूरिक एसिड को खत्म करने में मदद करता है, बल्कि यह किडनी में यूरिक एसिड के लेवल को मैनेज करने में भी बहुत मददगार साबित होता है। यह किडनी की सेहत को बेहतर बनाता है और गाउट को भी रोक सकता है या ठीक कर सकता है।
  2. आम तौर पर, गोक्षुर चूर्ण में मौजूद एंटी-लिथियासिस गुण न केवल गुर्दे में बनने वाली पथरी को रोकने का काम करते हैं, बल्कि यह गुर्दे में पहले से बनी पथरी को भी तोड़ने या फिर उस पथरी के आकर को पहले से काफी ज्यादा कम करने में काफी ज्यादा सहायक होते हैं। 
  3. दरअसल, इस तरह से यह पॉलीसिस्टिक गुर्दे की बीमारियों, गुर्दे की पथरी और साथ में मूत्राशय में सिस्टिटिस जैसी स्थिति को रोकने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। 
  4. हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि गोक्षुर का वाटर डायबिटीज जैसी समस्या को मैनेज करने में काफी ज्यादा सहायता करता है और इसी वजह से गोक्षुर का वाटर बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षणों से लड़ता है। 

यह मधुमेह के प्रबंधन में सहायता करता है और इसलिए बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षणों का मुकाबला करता है।

निष्कर्ष: गोक्षुर या फिर गोखरू एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस के नाम से भी जाना जाता है। यह एक छोटी पत्तेदार आयुर्वेदिक जड़ी बूटी की तरह होती है, जो शरीर से जुड़ी कई तरह की समस्याओं को दूर करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। इसके अलावा, यह एक व्यक्ति की सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद हो सकती है। ऐसे में, गोक्षुर या फिर गोखरू गुर्दे की पथरी को तोड़ कर शरीर से बाहर निकालने में काफी ज्यादा प्रभावी मानी जाती है। गोक्षुर का हर्बल वाटर यूरिनरी कैलकुली में काफी ज्यादा लाभदायक साबित होता है। हालांकि, यह सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होती है, पर किसी भी समस्या के दौरान इसका इस्तेमाल अक्सर डॉक्टर की सलाह पर किया जाना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गुर्दे की पथरी जैसी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों को अपनी समस्या बताकर उसका समाधान और उसके बारे में महत्वपूर्ण जानकरी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या मतली का बार-बार होना हो सकता है किडनी की बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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लोगों में मतली की समस्या होना एक आम बात होती है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पेट खराब होने की वजह से या फिर कोई संक्रमण होने की वजह से आपको इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, बहुत सी महिलाओं को

गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में भी मतली जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, हम में बहुत से लोगों को बसों और गाड़ियों में ट्रेवल करने या फिर एसिड रिफ्लक्स की वजह से मतली जैसी समस्या होने लग जाती है। यह समस्या कभी और किसी को भी हो सकती है। हम में से बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो इस समस्या को स्थिति के हिसाब से जज करते हैं और ऐसे ही नाजज़रांदाज कर देते हैं। यह समस्या आम होती है, पर क्या फिर भी आप इसके बारे में जानते हैं, कि मतली की समस्या को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्योंकि कभी कभार ये समस्या शरीर से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। जो एक व्यक्ति की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। 

डॉक्टर के अनुसार, मतली की समस्या का किडनी से जुड़ी समस्या के साथ एक बहुत ही गहरा संबंध होता है। जो किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। किडनी की समस्या में एक व्यक्ति के पैरों और चेहरे पर सूजन की समस्या होने लग जाती है, जिसमें कई बार पेट दर्द भी हो सकता है। ऐसे में बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि क्या इस तरह की स्थिति में किडनी से जुड़ी समस्याओं को गैस और मतली से भी जोड़कर देखा जा सकता है? क्या वाकई मतली का बार-बार होना किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है? दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि हाँ बार-बार होने वाली मतली या फिर उल्टी किडनी से जुड़ी बीमारी या फिर किडनी फ़ैल होने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। इसलिए, इस तरह की समस्या को नज़रअंदाज करने की बजाए आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

किडनी की बीमारी के लक्षण क्या हो सकते हैं?

किडनी की बीमारी के लक्षण तभी नजर आते हैं, जब किसी व्यक्ति में किडनी की समस्या काफी ज्यादा गंभीर हो जाती है और बीमारी एक एडवांस स्टेज तक पहुंच जाती है। किडनी की बीमारी के लक्षण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. पीड़ित व्यक्ति के चेहरे और पैरों में सूजन की समस्या होना। 
  2. काफी ज्यादा जी मिचलाना या फिर उल्टी जैसा महसूस होना। 
  3. पीड़ित व्यक्ति का धीरे-धीरे वजन कम हो जाना। 
  4. सांस लेते वक्त काफी ज्यादा तकलीफ महसूस होना। 

मतली और किडनी की बीमारी के बीच संबंध!

इस पर डॉक्टर का कहना है, कि किडनी की बीमारी होने पर आपको इसकी शुरुआत में ही जी मिचलाना या फिर उल्टी होने जैसे लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। अगर इस तरह की समस्या कभी कभार किसी को हो जाती है, तो इस को बिल्कुल भी किडनी की बीमारी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। कभी कभार होने वाली मतली को आप एक आम समस्या जैसे एसिडिटी और गैस भी समझ सकते हैं, जो किसी को भी प्रभावित कर सकती है। आम तौर पर, ऐसा इसलिए भी हो सकता है, क्योंकि कई बार हम सेहतमंद खाने की जगह, गलत डाइट को भी अपना लेते हैं। डॉक्टर के अनुसार, कभी कभी होने वाले मतली की समस्या किडनी की बीमारी का संस्कृत नहीं हो सकता, पर अगर यह मतली की समस्या किसी व्यक्ति को बार-बार होती है और वह इस समस्या से जहर बार परेशान रहता है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह किडनी की बीमारी या फिर किडनी फ़ैल होने का एक बहुत बड़ा संकेत हो सकता है। इसके अलावा, इस तरह की समस्या को लेकर ज्यादा परेशान भी नहीं होना चाहिए। अपने मन में कोई भी धारणा बनाने से पहले बेहतर होगा, कि आप किसी अच्छे डॉक्टर या फिर किसी नेफ्रोलॉजिस्ट के पास जाकर किडनी की अच्छे तरीके से जांच करवानी चाहिए। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि समस्या की पहचान करने के लिए किडनी फंक्शन टेस्ट भी किया जा सकता है, जिस में यह पता लगता है, कि व्यक्ति में मतली की समस्या किडनी की बीमारी से जुड़ी हुई है, या फिर नहीं। NCBI की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के सालों में किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। क्रोनिक किडनी की बीमारी में हीमोडायलिसिस की जरूरत होती है। इस समस्या से पीड़ित लोगों को उल्टी या जी मिचलाने की समस्या हो सकती है।

मतली के अन्य कारण क्या हो सकते हैं?

मतली के अन्य कारण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं:

  1. काफी लंबे समय तक पेन किलर लेना।
  2. ज्यादा मात्रा में स्ट्रीट फूड का सेवन करना 
  3. फास्ट फूड भी मतली का कारण हो सकता है।
  4. फास्ट फूड से भी मतली की समस्या हो सकती है। 

निष्कर्ष: मतली की समस्या एक आम समस्या है, जो किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। किडनी की बीमारी होने पर एक व्यक्ति को कई तरह के लक्षण नज़र आ सकते हैं, जिसमें से एक जी मिचलाना भी शामिल हो सकता है। उल्टी आना जैसे लक्षण अक्सर आपको सिर्फ किडनी की बीमारी के एडवांस स्टेज में देखने को मिल सकते हैं। जिसमें किडनी की बीमारी और किडनी फेलियर का होना शामिल हो सकता है। इसलिए, बार बार होने वाली मतली को आप किडनी की बीमारी से जोड़कर देख सकते हैं। ऐसा होने पर अपनी किडनी की तुरंत जांच कराएं। इससे समस्या का पता चल सकता है और वक्त रहते इलाज हो सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल के विशेषज्ञों से सम्पर्क कर सकते हैं।

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क्या कॉफी का सेवन करने पर पित्ताशय की पथरी की समस्या दूर हो सकती है? डॉक्टर से जानें!

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आम तौर पर, आज एक के समय में ज्यादातर लोग चाय की बजाए कॉफी का सेवन करते हैं, क्योंकि कॉफी सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होती है। विशेष तौर पर कॉफी सेहत के लिए तब ज़्यादा फायदेमंद साबित होती है, जब इसे रोजाना कम मात्रा में पिया जाए। असल में, रोजाना इसके सेवन से एक इंसान की उम्र बढ़ती है और साथ में दिल की बीमारियां, स्ट्रोक, टाइप 2 डायबिटीज, लिवर की बीमारियां और कई तरह के कैंसर जैसी कई समस्याओं का खतरा भी काफी ज्यादा कम होता है। आम तौर पर, इससे शरीर को तुरंत ऊर्जा प्राप्त होती है और मानसिक कार्यक्षमता बेहतर होती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि रोजाना कॉफी का सेवन करने से कई फायदे मिल सकते हैं, पर इसके साथ -साथ इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं, जिसमें काफी ज्यादा चिंता और नींद से जुड़ी बीमारियां शामिल हो सकती हैं। 

हालांकि, दुनिया भर में, अपने शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए कॉफी का सेवन किया जाता है, पर इसके साथ -साथ हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, कॉफी के एक और फायदे के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है, कि शोध से मिले परिणामों के मुताबिक, कॉफी का सेवन करने से पित्ताशय की पथरी का खतरा काफी कम किया जा सकता है। ऐसे में, बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि क्या वाकई कॉफी का सेवन करने पर पित्ताशय की पथरी की समस्या दूर किया जा सकता है? आम तौर पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जो लोग एक दिन में कम से कम छे कप कॉफी के पीते हैं, दरअसल हाल ही में हुई इस शोध के अनुसार, उन लोगों में पित्ताशय की पथरी का जोखिम काफी ज्यादा कम देखा गया है। असल में, इस तरह की स्थिति में अगर इसके आंकड़ों की बात की जाये, तो जो लोग रोजाना शरीर को ऊर्जा देने के लिए कॉफी का सेवन करते हैं, दरअसल उन लोगों में कॉफी का सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में पित्ताशय की पथरी की समस्या का खतरा लगभग 23 प्रतिशत तक कम देखा गया है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या कहते हैं आंकड़े?

आम तौर पर, इस पर शोधकर्ताओं का कहना है, कि जो लोग दिन में एक कप कॉफी का सेवन करते हैं, दरअसल उन लोगों में पित्ताशय की पथरी की समस्या का खतरा लगभग 3 प्रतिशत तक कम होता है। आपको बता दें, कि दिन में कॉफी का सेवन करने की मात्रा बढ़ाने पर पित्ताशय की पथरी के खतरे की संभावना को काफी ज्यादा कम किया जा सकता है। 

दरअसल, कॉफी के लिए दी गई गाइडलाइंस के मुताबिक, एक दिन में 400 मिलीग्राम से भी ज्यादा कैफीन का सेवन करना सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। आम तौर पर, एक कप कॉफी में कैफीन की मात्रा लगभग 70 से 140 मिली -ग्राम तक हो सकती है। 

पित्ताशय में पथरी के क्या कारण हो सकते हैं? 

दरअसल, पित्ताशय में पथरी के कारण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. तेजी से वजन कम होना। 
  2. काफी ज्यादा मोटापा होना 
  3. समस्या में पारिवारिक इतिहास होना। 
  4. उम्र का ज्यादा होना। 
  5. इस दौरान पेट में काफी तेज दर्द की समस्या होना। 
  6. मधुमेह जैसी समस्याओं का होना। 
  7. काफी ज्यादा मात्रा में, तेल मसाले और कोलेस्ट्रॉल वाले भोजन का सेवन करना। 

दरअसल, पथरी के मामले में शोधकर्ताओं का मानना है, कि कैफीन का सेवन करने पर कोलेस्ट्रॉल से पथरी बनने की प्रक्रिया को काफी ज्यादा कम हो जाती है। इसके साथ ही, पित्ताशय की पथरी से अपना बचाव करने के लिए सेहतमंद खाने के साथ -साथ उसका समय पर सेवन करना काफी ज्यादा आवश्यक होता है। दरअसल, अगर आप इस दौरान कॉफी की सिमित मात्रा की बजाए, कॉफी का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं, तो इसके साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं।

निष्कर्ष: रोजाना कॉफी का सेवन करने से सेहत को बहुत से फायदे प्राप्त हो सकते हैं, पर इसके साथ -साथ इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। ज्यादातर कॉफी का सिमित मात्रा में सेवन किया जाना शरीर के लिए अच्छा होता है। इससे कई तरह की बीमारियों का जोखिम कम भी होता है, और अगर इसका सीमित मात्रा में सेवन न किया जाये, तो इससे बहुत सी बीमारियों का जोखिम बढ़ भी सकता है। इसलिए, इसका सेवन सिमित मात्रा में और किसी भी तरह की गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जा सकता है। दरअसल, ज्यादातर लोग अपने शरीर को ऊर्जा देने के लिए कॉफी का सेवन करते हैं और इसके साथ ही हाल ही में हुई एक शोध, कॉफी के एक और फायदे के बारे में बताती है, जिसमें कॉफी से पित्ताशय की पथरी का खतरा काफी कम हो सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और पथरी जैसी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या रोजाना घर के यह हेल्दी फूड खाने से चुरा बन सकती है गुर्दे की पथरी? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

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दरअसल, आज के समय में ज्यादातर लोगों की जीवन शैली व्यस्त होने की वजह से वह अपनी सेहत पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे पाते हैं। और अपनी सेहत का ध्यान न रखते हुए बस अपने पेट की भूख को शांत करने के लिए न जाने वह कितने ही प्रकार के फूड का सेवन कर लेते हैं। जिसका सीधा प्रभाव न केवल उनकी सेहत पर पड़ता है, बल्कि इससे किडनी भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कई फ़ूड इस तरह के होते हैं, जो किडनी में पथरी बनने की संभावना को काफी तेज कर देते हैं। पथरी जैसी समस्या के दौरान एक व्यक्ति को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह की दर्दनाक स्थिति से बचने के लिए और पथरी जैसी समस्या को किडनी में बनने से रोकने के लिए आप बाहर के खाने की बजाय घर के सेहतमंद खाने का सेवन कर सकते हैं। ऐसे में कई लोगों का सवाल है, कि क्या वाकई रोजाना घर के सेहतमंद खाने का सेवन करने से गुर्दे की पथरी चुरा बन सकती है? दरअसल हाँ, घर के ये सेहतमंद आहार किडनी में पथरी की समस्या को रोकने में काफी ज्यादा मददगार साबित हो सकते हैं, जिसमें रोजाना नींबू पानी का सेवन करना, भरपूर मात्रा में पानी को पीना, ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली और केले जैसी सब्जियों का सेवन करना और अपनी रोजाना की डाइट में साबुत अनाज को शामिल करना हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में और जानकारी लेते हैं। 

किडनी की पथरी से कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं?

दरअसल, किडनी की पथरी होने पर पीड़ित व्यक्ति को निम्नलिखित परेशानियों का अनुभव हो सकता हैं, जैसे कि 

  1. किडनी में पथरी के दौरान पेट या फिर बगल में असहनीय दर्द हो सकता है। 
  2. मतली और उल्टी जैसी समस्या हो सकती है 
  3. रोजाना बुखार चढ़ सकता है। 
  4. इस दौरान पेशाब करते वक्त पेशाब में खून आ सकता है। 
  5. बार -बार पेशाब करने की इच्छा प्रकट हो सकती है। 
  6. इस दौरान एक पीड़ित व्यक्ति को पीठ के निचले हिस्से में काफी ज्यादा दर्द का अनुभव हो सकता है। 

किडनी की पथरी के जोखिम कारक क्या हो सकते हैं?

किडनी की पथरी के जोखिम कारकों में निम्नलिखित कारक शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. अधिक वजन होना। 
  2. गैर सेहतमंद भोजन का सेवन करना। 
  3. शरीर में डिहाइड्रेशन होना। 
  4. दवा या फिर किसी प्रकार का सप्लीमेंट्स का सेवन करना। 
  5. उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी समस्या का होना। 

किडनी में पथरी को रोकने के स्वस्थ आहार कौन कौन से हो सकते हैं?

आम तौर पर, रोजमर्रा की जिंदगी में स्वस्थ आहार का चुनाव करने से न केवल किडनी सेहतमंद रहती है, बल्कि इससे किडनी में पथरी होने की संभावना भी काफी कम हो जाती है। किडनी में पथरी की समस्या को खत्म करने के लिए आप घर के कुछ सेहतमंद आहार को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. रोजाना भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना

अपने शरीर को सेहतमंद और पथरी जैसी समस्या से दूर रखने के लिए रोजाना भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना अत्यंत जरूरी होता है। इससे शरीर दिन भर हाइड्रेट रहता और पथरी जैसी गंभीर बीमारियों से बचा रहता है। जो लोग किडनी में पथरी जैसी समस्या से अक्सर परेशान रहते हैं, दरअसल उनके लिए यह घरेलू नुस्खा कारगर साबित हो सकता है। इस दौरान, व्यक्ति को रोजाना कम से कम 2 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।

  1. नींबू पानी 

दरअसल, नींबू में मिलने वाला साइट्रिक एसिड, जो किडनी में पथरी जैसी समस्या को बनने से रोकने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान कर सकता है। यहां तक कि यह किडनी में पहले से बनी पथरी को भी खत्म करने में काफी मददगार साबित होता है। इसके लिए आप रोजाना नींबू को पानी में निचोड़ पी सकते हैं। 

  1. सब्जियां 

आम तौर पर, ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली और केले जैसी सब्जियां सेहत के साथ साथ किडनी के लिए भी काफी ज्यादा लाभदायक साबित होती हैं। इन सब्जियों में पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में कैल्शियम की कमी जैसी समस्याओं को दूर कर सकता है। इसके अलावा, यह सब्जियां किडनी में पथरी को बनने से भी रोकने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान कर सकती हैं। 

  1. साबुत अनाज 

दरअसल, रोजाना साबुत अनाज का सेवन करने से न केवल किडनी में पथरी की समस्या कम होती है, बल्कि इससे आपका वजन भी नियंत्रित रह सकता है। 

निष्कर्ष: दरअसल, व्यस्त जीवनशैली के कारण ज्यादातर लोग बस अपनी भूख को मिटाने के लिए बिना सोचे समझे कई प्रकार के फ़ूड का सेवन कर लेते हैं, जिससे उनकी किडनी की सेहत पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे उनको किडनी में पथरी बनने का जोखिम काफी बढ़ जाता है और कई लोग किडनी में पथरी की समस्या का शिकार भी हो जाते हैं। इसलिए, पथरी जैसी समस्या से बचने के लिए आपको बाहर के खाने की बजाए घर के खाने को ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। इस दौरान, रोजाना नींबू पानी, ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली और केले जैसी सब्जी, साबुत अनाज और भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करने से गुर्दे में पथरी को बनने से रोका जा सकता है। घर के ये सेहतमंद आहार पथरी की समस्या को खत्म करने में काफी ज्यादा मददगार साबित हो सकते हैं। पथरी की गंभीर समस्या होने पर आपको अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किडनी में पथरी जैसी समस्या को खत्म करने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या किडनी की पथरी का पक्का इलाज हो सकता है खीरे का बीज? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

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रोजाना गलत खान पान का सेवन करना और जीवनशैली की गलत आदतों को अपनाने के कारण आज गुर्दे की पथरी से लाखों लोग जूझ रहे हैं। दरअसल, यह समस्या एक दर्दनाक स्थिति को पैदा कर सकती है, जिसकी वजह से एक व्यक्ति के रोजाना के काम बुरी तरीके से प्रभावित हो सकते हैं। किडनी की पथरी की समस्या से परेशान व्यक्तियों को पेट में असहनीय दर्द हो सकता है, जिसकी वजह से वह पूरा दिन परेशान नज़र आ सकते हैं। आम तौर पर, इलाज करवाने के बावजूद भी कुछ लोगों में किडनी की पथरी की समस्या बार-बार होती रहती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पथरी के मरीज का एक बार उपचार या फिर ऑपरेशन होने के बाद दोबारा से पथरी होना एक चिंता की बात हो सकती है। हालांकि, आयुर्वेदिक ग्रंथों में, गुर्दे में बार-बार होने वाली पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के कई उपाय उपलब्ध हैं, जिस में खीरे के बीजों से गुर्दे की पथरी को पूरी तरीके से ठीक किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के डॉक्टर से खीरे के बीजों से गुर्दे की पथरी से छुटकारा पाने के उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या है गुर्दे की पथरी?

दरअसल, किडनी स्टोन बहुत से मिनरल और साल्ट से बना एक ठोस पदार्थ होता है, जो आम तौर पर, किडनी में जमा हो जाता है। आम तौर पर, इनका आकार काफी छोटे दानों की तरह भी हो सकता है और कई बार बड़े पत्थरों की तरह भी हो सकता है। विशेष तौर पर किडनी की पथरी अक्सर कैल्शियम ऑक्सालेट, यूरिक एसिड या फिर अन्य मिश्रणों के क्रिस्टलाइज़ होकर जमने के कारण बनती है। 

किडनी की पथरी के लक्षण 

वैसे तो, किडनी में पथरी जैसी समस्या होने के कई लक्षण हो सकते हैं, पर इस समस्या के कुछ लक्षण निम्नलिखित अनुसार भी हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. पीड़ित व्यक्ति को बुखार आना। 
  2. अचानक चक्कर आ जाना। 
  3. जी मचलना जैसी समस्या का अनुभव होना। 
  4. पेशाब करते वक्त पेशाब से खून आना। 
  5. पेट में असहनीय दर्द का होना। 
  6. इस दौरान पीठ में दर्द होना। 
  7. पेशाब करते समय दिक्कत होना। 
  8. पेशाब की मात्रा में कमी होना। 

खीरे के बीज से किडनी की पथरी का उपचार

डॉक्टर के अनुसार, दुनिया में ऐसे कई लोग हैं, जो पथरी की समस्या का इलाज या फिर ऑपरेशन करवाने के बाद भी दोबारा से किडनी में पथरी होने की समस्या से परेशान रहते हैं। उनके लिए यह एक चिंता का विषय हो सकता है। 

दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि खीरे के बीजों से गुर्दे की पथरी को पूरी तरीके से ठीक किया जा सकता है, वो कैसे दरअसल, इसके लिए बाजार में मिलने वाले खीरों के बीजों को दूध में मिलाकर पीने से किडनी की पथरी को खत्म करने में काफी ज्यादा सहायता प्राप्त हो सकती है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप 200 ग्राम दूध को उबालकर उसको ठंडा करके और इसमें कम से कम 50 ग्राम खीरे के बीज डालकर मिक्सी में पीस लें। अगर आप डायबिटीज के मरीज नहीं हैं, तो इसमें थोड़ा सा गुड भी शामिल कर सकते हैं। कम से कम 15 दिन तक इसका सेवन करने से बार-बार होने वाली पथरी की समस्या को कम किया जा सकता है। 

निष्कर्ष: आयुर्वेदिक नजरिये से किडनी में बार-बार होने वाली पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए खीरे के बीजों का सेवन किया जा सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और किडनी की पथरी से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या ये 2 जूस पित्त की पथरी को तुरंत काट सकते हैं? जानें डॉक्टर से

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आजकल ज्यादातर लोगों को खराब खानपान की वजह से पथरी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है असल में, यह पथरी गुर्दे की भी हो सकती है और पित्त की भी हो सकती है। हालांकि, पित्ताशय की पथरी काफी ज्यादा दर्दनाक साबित हो सकती है। इसलिए, इस तरह की समस्या को नज़रअंदाज किये बिना तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पित्ताशय की थैली एक नाशपाती के आकार की तरह होती है, जो दिखने में काफी ज्यादा छोटी होती है। आम तौर पर, यह लिवर के आधार पर, मतलब कि निचले हिस्से पर स्थित होती है। दरअसल, पित्ताशय लिवर के द्वारा बनाए गए बाइल को स्टोर करता है, पर इस तरह की स्थिति में एक व्यक्ति के लाइफस्टाइल में थोड़ा सा भी बदलाव आने की वजह से पित्त की थैली पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है, जिसके फलस्वरूप पित्ताशय में पथरी का निर्माण होता है। इस तरह की स्थिति में कई लोगों के मन में सवाल उठता है, कि क्या पित्त की पथरी की समस्या को खत्म किया जा सकता है? दरअसल, हाँ पित्त की थैली से पथरी को दूर करने के लिए कुछ विशेष जूस का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, ये जूस पित्त की पथरी को तुरंत काटने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकते हैं। इसमें, हर्बल टी, नाशपती का जूस, एप्पल का जूस, नींबू का जूस और पेपरमिंट शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

पित्त की पथरी को तुरंत काटने वाले जूस 

  1. नींबू का जूस

दरअसल, नींबू का जूस पेट की सेहत के लिए काफी ज्यादा लाभदायक होता है। आम तोर पर, पथरी जैसी समस्या के दौरान आप रोजाना खाली पेट नींबू के रस का सेवन कर सकते हैं। लगभग एक हफ्ते तक ऐसा करने पर आपके पेट का दर्द कम होगा और पथरी जैसी समस्या से भी राहत मिलेगी। दरअसल, यह पित्त की पथरी को बिना दर्द के दूर करने आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकता है। 

  1. नाशपती का जूस

आम तौर पर, नाशपती का जूस हमारी पूरी सेहत के लिए काफी ज्यादा अच्छा होता है। दरअसल, नाशपाती के रस में काफी ज्यादा पेक्टिन पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक रूप से पित्त की पथरी को कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक आधा गिलास गर्म पानी में एक बड़ा चम्मच शहद का घोलें और फिर इसमें नाशपाती का निकाला हुआ रस डालें और अच्छे तरीके से मिलाएं। अच्छे तरीके से मिलाने के बाद अब इसका सेवन करें। यह सेहत और पथरी दोनों के लिए फायदेमंद होता है। 

निष्कर्ष:

दरअसल, खराब खानपान और लाइफस्टाइल में होने वाला थोड़ा सा भी बदलाव पित्त की पथरी का कारण बन सकता है। इस समस्या के दौरान पीड़ित व्यक्ति को असहनीय दर्द होता है, जिसकी वजह से वह अपने रोजाना के कामों को भी नहीं कर पाता है। इस तरह की स्थिति में, हर्बल टी, नाशपती का जूस, एप्पल का जूस, नींबू का जूस और पुदीने जैसे पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, ये पित्त की पथरी को तुरंत काटने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकते हैं। पथरी की गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भी पित्त में किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिस का आप तुरंत समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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क्या पुरुषों को भी हो सकती है यूटीआई की समस्या? शुरुआत में दिख सकते हैं, ये 3 लक्षण

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दरअसल, कुछ समस्याएं इस तरह की होती हैं, जो ज्यादातर केवल महिलाओं में ही देखने को मिलती हैं, जैसे कि यूटीआई की समस्या। पर आज के समय में, इस तरह की समस्या को पुरुषों में भी देखा जा सकता है। आम तौर पर, विशेष रूप से अगर यूटीआई की बात की जाये, तो यह यूरिन ट्रांसमिटेड इंफेक्शन होती है, जिससे पुरुष भी प्रभावित हो सकते हैं। 

इस बात को सभी जानते हैं, कि इस समस्या के ज्यादातर मामले महिलाओं में ही देखने को मिलते हैं, तो जाहिर सी बात है, कि पुरषों को भी उन्ही से जोड़ा जाएगा। अब सवाल इस बात का है, कि क्या पुरुषों को भी यूटीआई की समस्या हो सकती है? दरअसल, हाँ पुरुषों में भी यूटीआई जैसी समस्या देखने को मिल सकती है। हालांकि इसके ज्यादातर केस महिलाओं में देखने को मिलते हैं, पर पुरुष भी इस तरह के संक्रमण से प्रभावित हो सकते हैं। विशेष रूप से 40 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्तिओं में इसका खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। दरअसल, पुरुषों में यूटीआई जैसी समस्या दिखती कम है, पर जब होती है, तो काफी ज्यादा जटिल और अक्सर देर से पकड़ में आती है। आम तौर पर, इसके शुरुआती लक्षणों में पेशाब करते समय जलन या फिर काफी ज्यादा दर्द होना, बार-बार पेशाब करने या फिर आने की इच्छा होना, पेशाब का धुंधला या फिर बदबूदार होना, निचले पेट या फिर कमर के निचले हिस्से में काफी ज्यादा दर्द महसूस होना और इसके साथ ही काफी ज्यादा बुखार और थकान का अनुभव होना जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

पुरुषों में यूटीआई की समस्या क्यों होती है?

डॉक्टर के अनुसार, पुरुषों में यूटीआई की समस्या होने के कई कारण शामिल हो सकते हैं, जैसे कि प्रोस्टेट का बढ़ना, कम पानी पीना, कमजोर इम्यूनिटी, असुरक्षित सेक्स, लंबे समय तक यूरिनरी रिटेंशन या फिर यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट होना आदि। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कई डायबिटीज वाले पुरुषों में भी इसका ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।

पुरुषों में यूटीआई के शुरुआती लक्षण: 

डॉक्टर के अनुसार, अक्सर पुरुष शर्म या फिर लापरवाही की वजह से यूटीआई के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान नहीं देते हैं, पर इस तरह लक्षण जैसे बार-बार पेशाब आना, जलन होना और बदबूदार मूत्र जैसे लक्षण दिखाई दें तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। दरअसल, इलाज में देरी होने पर संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है, जिससे स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। इसलिए समय पर इलाज महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, पुरुषों में यूटीआई के शुरुआती लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. पेशाब करते समय जलन या फिर दर्द होना 

असल में, इस समस्या के सबसे आम लक्षणों में पेशाब करते समय जलन या चुभन शामिल है। बहुत से लोग इसे आम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, पर डॉक्टरों के अनुसार, यह शुरुआती इन्फेक्शन का सबसे अहम संकेत है, जिस पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक होता है। 

  1. बुखार और थकान महसूस होना

असल में, जब UTI बढ़ता है, तो आपको बुखार, ठंड लगना और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। यह शरीर का इम्यून रिस्पांस होता है, जो बताता है, कि बैक्टीरिया तेजी से बढ़ रहे हैं और इलाज तुरंत शुरू कर देना चाहिए।

  1. बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना 

दरअसल, डॉक्टर के अनुसार, कभी-कभी बार-बार पेशाब आना एक आम बात होती है, पर पेशाब आने की इच्छा यूटीआई का संकेत हो सकती है। यह लक्षण इसलिए होता है, क्योंकि इन्फेक्शन ब्लैडर को बहुत सेंसिटिव बना देता है।

निष्कर्ष :

दरअसल, यूटीआई एक यूरिन ट्रांसमिटेड इंफेक्शन होती है, जिससे सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी काफी ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इस समस्या का खरता काफी ज्यादा होता है। भले ही पुरुषों में इस समस्या को कम देखा जाता है, पर जब यह समस्या होती है, तो एक गंभीर रूप धारण कर सकती है। इसलिए, पेशाब करते समय जलन, दर्द, बार-बार पेशाब करने की इच्छा, पेशाब का धुंधला या फिर बदबूदार होना, निचले पेट या फिर कमर के निचले हिस्से में काफी ज्यादा दर्द महसूस होना जैसे इसके शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है, ताकि समय रहते समस्या का उपचार हो सके। क्योंकि अगर समय पर इसका इलाज और पहचान न की जाये, तो यह संक्रमण किडनी तक पहुंचकर एक गंभीर रूप धारण कर सकता है। बेहतर निगरानी, अच्छी हाइजीन और खूब पानी पीने से इस इन्फेक्शन को आसानी से रोका जा सकता है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी या फिर अगर आपको भी यूटीआई जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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प्रोस्टेट संक्रमण क्या होता है? लक्षण, कारणों और उपचार के विकल्पों के बारे में जानें डॉक्टर से

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दरअसल, प्रोस्टेट ग्लैंड काफी ज्यादा छोटा होता है, पर यह सभी पुरुषों की सेहत में एक महत्वपूर्ण भूमिका को निभाता है। आपको बता दें, कि ब्लैडर के ठीक नीचे की तरफ मौजूद, अखरोट के आकार का यह ग्लैंड, दरअसल वीर्य द्रव की पैदावार में काफी ज्यादा सहायक होता है, जो आम तौर पर शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करने में मदद करता है, और इन को शरीर तक पहुंचाता है। आम तौर पर, प्रोस्टेट में सूजन या फिर संक्रमण जिसे प्रोस्टेटाइटिस भी कहा जाता है, जिसकी वजह से पुरुषों को बहुत ज्यादा दर्द, बेचैनी और पेशाब से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही इसके लक्षणों में, व्यक्ति को पेशाब करते समय दर्द या फिर जलन महसूस होना और पीठ के निचले हिस्से, कमर या फिर श्रोणि क्षेत्र में दर्द होना शामिल हो सकता है, जिस के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाओं का उपयोग किया जा सकता है और यह जीवाणु संक्रमण, मूत्र मार्ग संक्रमण और श्रोणि में चोट के कारण हो सकता है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज करने की बजाए, तुरंत डॉक्टर के साथ संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। आइये इस लेख के माध्यम से प्रोस्टेट संक्रमण के प्रमुख लक्षणों, उनके कारणों और उपचार के विकल्पों के बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

प्रोस्टेट संक्रमण (प्रोस्टेटाइटिस) क्या होता है?

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि प्रोस्टेट संक्रमण या फिर प्रोस्टेटाइटिस तब होता है, जब बैक्टीरियल संक्रमण या फिर दूसरे नॉन-बैक्टीरियल कारणों की वजह से प्रोस्टेट ग्लैंड में, सूजन जैसी समस्या का उत्पादन हो जाता है, या फिर सूजन आ जाती है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्तिओं को प्रभावित कर सकती है, पर ये समस्या ज़्यदातर 30 से 50 साल की उम्र के लोगों के बीच सबसे ज्यादा आम देखि जा सकती है। 

दरअसल, इस तरह की समस्या के बढ़ने के तरीके और समय के आधार पर, प्रोस्टेटाइटिस को चार मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है, जिस में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  1. एक्यूट बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस
  2. क्रोनिक बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस
  3. लक्षणहीन सूजन संबंधी प्रोस्टेटाइटिस
  4. क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस इस फिर क्रोनिक पेल्विक पेन सिंड्रोम (सीपी/सीपीपीएस)

प्रोस्टेट संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

आपको बता दें, कि पुरुषों में प्रोस्टेट संक्रमण के लक्षण अक्सर संक्रमण की गंभीरता और प्रकार के आधार पर अलग -अलग दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, कई चेतावनीयों के संकेत आम हो सकते हैं, पर इनको कभी भी नज़रअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रोस्टेट संक्रमण के आम लक्षणों में निम्नलिखत लक्षण शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. व्यक्ति को पेशाब करते समय दर्द या फिर जलन अनुभव होना (डिसुरिया)
  2. किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने की इच्छा प्रकट होना। 
  3. पेशाब करने या फिर पेशाब की धारा को बनाकर रखने में काफी ज्यादा परेशानी होना। 
  4. व्यक्ति के पीठ के निचले हिस्से में, कमर में या फिर श्रोणि क्षेत्र में काफी ज्यादा दर्द का एहसास होना। 
  5. स्खलन के दौरान दर्द, कामेच्छा में कमी या फिर इरेक्शन बनाए रखने में काफी ज्यादा दिक्कत होना। 
  6. पेशाब या फिर वीर्य में दिखाई देने वाले परिवर्तन। 
  7. बुखार होना, ठंड लगना और शरीर में काफी ज्यादा दर्द का अनुभव होना। 
  8. लगातार बेचैनी या फिर थकान महसूस होना (मलाइज़) 

दरअसल, अगर आपको इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव होता है, तो इसको बिलकुल भी नज़रअंदाज न करें, इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

प्रोस्टेट संक्रमण के कारण क्या हैं?

प्रोस्टेट संक्रमण कई कारणों से हो सकता है, जिन में सबसे आम कारण निम्नलिखित अनुसार हैं:

  1. जीवाणु संक्रमण होना। 
  2. मूत्र मार्ग में संक्रमण होना। 
  3. मूत्रमार्ग में रुकावट या फिर संकुचन होना। 
  4. श्रोणि में चोट लगना। 

प्रोस्टेट संक्रमण के उपचार के विकल्प

दरअसल, प्रोस्टेट इन्फेक्शन के लक्षणों का उपचार ज्यादातर, इस बात पर निर्भर करता है, कि यह संक्रमण बैक्टीरियल है, या फिर नॉन-बैक्टीरियल है। प्रोस्टेट संक्रमण के आधार पर, इसके उपचार के विकल्पों में ये शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. एंटीबायोटिक थेरेपी
  2. अल्फा-ब्लॉकर्स
  3. एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं
  4. फिजियोथेरेपी और पेल्विक फ्लोर व्यायाम
  5. जीवनशैली में बदलाव करना। 
  6. गर्म पानी से नहाना और ज्यादातर तरल पदार्थों का सेवन करना। 

निष्कर्ष: किसी भी तरह की कोई गंभीर स्थिति उत्पन्न होने से पहले हमारा शरीर हल्के संकेतों को प्रदान करता है। जैसे कि प्रोस्टेट इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षणों में दर्द होना, पेशाब में बदलाव या फिर पेल्विक हिस्से में तकलीफ होना आदि शामिल होता है। इन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, समय पर पहचान और इलाज सेहत के लिए ज़रूरी है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी या फिर अगर आपको भी प्रोस्टेट इन्फेक्शन जैसी कोई समस्या है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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किडनी में पथरी की समस्या से बचाव के लिए, डाइट में शामिल करें ये 4 तरल पदार्थ, आपको मिला फायदा

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आम तौर पर, किडनी में पथरी की समस्या जितनी ज्यादा आम होती है, उतनी ही ज्यादा गंभीर और दर्दनाक भी होती है। दरअसल, किडनी की समस्या में एक व्यक्ति को असहनीय दर्द होता है, जिसमें वह कुछ भी नहीं कर पाता और इस से उसके दिनभर के काम भी काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं। आपको बता दें, कि किडनी में पथरी की समस्या खानपान से जुड़ी एक बीमारी है। जिससे, आज के समय में काफी ज्यादा लोग प्रभावित हैं। यह लगभग, सभी जानते हैं, कि जब किडनी में मिनरल और सोडियम का धीरे-धीर जमाव होता है, तो यह काफी ज्यादा ठोस बन जाता है और इसी ठोस जमाव को पथरी के रूप में देखा जाता है। आम तौर पर, एक व्यक्ति की किडनी में पथरी का आकार अलग-अलग हो सकता है और उसी के हिसाब से आपको दर्द या फिर परेशानी हो सकती है। आपको बता दें, कि जब किडनी में पथरी का आकार काफी ज्यादा छोटा होता है, तो यह एक व्यक्ति के मूत्र मार्ग के माध्यम से आसानी से बाहर निकल जाता है और इसमें किसी भी प्रकार का कोई गंभीर दर्द नहीं होता है। पर, इसके उल्ट जब किडनी में पथरी का आकार काफी ज्यादा बड़ा होता है, तो यह दर्दनाक हो सकती है। इस तरह की स्थिति में असहनीय दर्द का अहसास हो सकता है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या से बचने के लिए आप अपनी डाइट में कुछ तरल पदार्थ को शामिल कर सकते हैं। इन तरल पदार्थों का रोजाना सेवन करने से किडनी की पथरी से बचा जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में, इस के डॉक्टर से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

किडनी में पथरी की समस्या से बचने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 तरल पदार्थ

  1. पानी

आम तौर पर, किडनी में पथरी की समस्या के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही, इस तरह की समस्या से बचने के लिए भी रोजाना पानी पीना काफी ज्यादा जरूरी होता है। आपको बता दें, कि रोजाना पानी का सेवन करने से शरीर में जमा सभी जहरीले पदार्थ पेशाब के जरिये बाहर निकल जाते हैं। अगर रोजाना 8 से 10 गिलास पानी के पिए जाएँ, तो किडनी में होने वाली पथरी की समस्या को भी रोका जा सकता है। 

  1. नींबू का जूस

वैसे तो, नींबू का जूस सभी को पीना चाहिए, क्योंकि यह सेहत के लिए काफी ज्यादा लाभदायक होता है। आपको बता दें, कि नींबू का जूस विटामिन सी से भरपूर होता है और रोजाना इसका सेवन शरीर की इम्यूनिटी को काफी ज्यादा बढ़ाता है। दरअसल, नींबू के रस में सिट्रिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो आम तौर पर, ऑक्सालेट और सोडियम जैसे तत्वों के जमाव को घोल देता है। इससे किडनी में, बने पथरी के छोटे-छोटे कण मूत्र मार्ग के माध्यम से पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकलते रहते हैं और यह शरीर में, मौजूद जहरीले पदार्थों को भी बाहर निकालने में काफी ज्यादा सहायता करता है। किडनी में पथरी की समस्या से बचाव के लिए आप रोजाना एक गिलास नींबू के जूस का सेवन कर सकते हैं। 

  1. अनार का जूस

दरअसल, किडनी में पथरी की समस्या से बचाव के लिए आप रोजाना अनार के जूस का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि अनार का जूस पोषक तत्वों से काफी ज्यादा भरपूर होता है। आपको बता दें कि अनार के जूस में ऐसे पोषक तत्वों होते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं। इसके साथ ही, अनार का जूस किडनी में मौजूद पथरी को तोड़ने में भी काफी ज्यादा सहायता करता है। 

  1. हर्बल टी

किडनी में पथरी की समस्या से बचने के लिए आप धनिया, तुलसी, कैमोमाइल, अदरक और पुदीने की चाय का सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही, इस तरह की समस्या के लिए हर्बल टी का सेवन एक बहुत ही अच्छा विकल्प हो सकता है। आम तौर पर, इन हर्बल टी के सेवन से हमारी पाचन शक्ति बेहतर रहती है और किडनी में पथरी की समस्या से बचाव होता है। 

निष्कर्ष

आज के समय में पथरी की समस्या होना काफी ज्यादा आम है। दरअसल पथरी का आकार छोटा भी हो सकता है और बड़ा भी हो सकता है। किडनी में पथरी की समस्या खानपान से जुड़ी एक बीमारी है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए अपने खानपान में सुधार करना जरूरी होता है। किडनी में पथरी की समस्या से बचने के लिए आप अपनी डाइट में ऊपर बनाए गए तरल पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। पथरी की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूरी होता है। अगर आपको भी इस तरह कोई समस्या है और आप इसका इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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