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लाल पेशाब होने का क्या मतलब है, जानिए पेशाब में खून आने का क्या कारण है और कैसे पाए उसे निजात?

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लाल पेशाब होने का क्या मतलब है, जानिए पेशाब में खून आने का क्या कारण है और कैसे पाए उसे निजात?

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यदि आपको कभी भी लगे की आपके पेशाब का रंग लाल है तो इससे बिलकुल भी नज़र-अंदाज़ न करे | लाल रंग के  पेशाब आने का मतलब है पेशाब के साथ खून का आना | पेशाब में खून का आना एक ऐसी स्थिति है जो हर वर्ग लिंगों के बच्चों और वयस्कों को हो सकती है | अच्छी बात तो यह है की पेशाब में खून आने का सबसे आम कारण है पेशाब रस्ते का संक्रमित हो जाना, जिसका डॉक्टर द्वारा आसानी से इलाज किया जा सकता है | 

 

लेकिन फिर भी आपके पेशाब में खून का आना आमतौर पर सामान्य नहीं माना जाता है और इसके साथ ही कभी-कभी रक्तयुक्त पेशाब का होना एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है | इसलिए जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के पास जाकर इस समस्या का इलाज करवाएं, खासकर तब जब पेशाब करने में कठिनाई या फिर दर्द का सामना करना पड़ रहा हो | सही समय में इलाज मिलने आप इस समस्या से जल्द ही छुटकारा पा सकते है | 

 

जानिए पेशाब में खून का कैसे पता करें ? 

 

सामान्य पेशाब का रंग हलके से माध्यम से पीला या फिर साफ़ भी हो सकता है | यदि आपके पशब का रंग गुलाबी, लाल या फिर जंग लगे भूरे रंग का है तो इसका मतलब यह है की आपके पेशाब के साथ खून आ रहा है | लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें की केवल खून ही आपके पेशाब के रंग बदलने का कारण नहीं होता है, चकुंदर और रबर्ब जैसे खाद्य पदार्थ में पाए जाने वाले प्रकृतिक और कृत्रिम रंग और फेनाज़ोपाइरिडीन जैसी दवाएं से पेशाब का रंग लाल, नारंगी और गुलाबी हो सकता है | इसके आलावा यह भी संभव हो सकता है की आपके पेशाब में खून हो और आप देख ही नहीं सकते | 

 

 पेशाब में खून आने की मुख्य वजह क्या है ?  

 

महिलाओं और अन्य लोगों को मासिक धर्म चक्र के दौरान शौचालय में खून का आना बेहद आम बात होता है | हालांकि मासिक धर्म के दौरान शौचालय खुनी पेशाब की तरह लग सकती है, लेकिन यह समस्या वैसा नहीं होता है | यदि आपके भी पेशाब के साथ खून आ रहा है तो इस अर्थ यह हो सकता है की आपके शरीर के अंदर से कहीं खून बह रहा हो | खुनी पेशाब का होना संक्रमण या फिर चिकित्सा स्थितियों के होने का भी लक्षण हो सकता है, जो आपके गुर्दे, मूत्राशय, प्रजनन अंगों या फिर रक्त को काफी प्रभावित कर सकती है | कुछ गतिविधियां ऐसी भी होती है,जिसकी वजह से खुनी पेशाब हो सकता है | 

 

इस समस्या से राहत कैसे पाएं ?

 

कभी-कभी खुनी पेशाब जैसी समस्या को ठीक होने के लिए थोड़े समय की ज़रूरत होती है | उदाहरण के लिए बात करे तो यदि रक्तस्राव तीव्र व्यायाम के कारण हो रहा है तो यह आमतौर पर कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक भो हो सकता है | लेकिन यदि यह समस्या किसी मेडिकल स्थितियों के कारण हो रहा है तो इसके लिए बेहतर है की आप अच्छे स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के पास जाकर इसका इलाज करवाएं | 

 

इसके लिए आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर पुनीत बंसल यूरोलॉजिस्ट में स्पेशलिस्ट है, जो इस समस्या से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते है |     

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पित्ताशय की पथरी होने के मुख्य कारण, लक्षण क्या है और इसका इलाज कैसे किया जाता है ?

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आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट & लेप्रोस्कोपी सर्जन स्पेशलिस्ट डॉक्टर अशोक मित्तल ने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो में यह बताया कि आज के समय में पित्ताशय की पथरी दुनिया भर में काफी सामान्य बीमारी बन गयी है | दुनियाभर में लगभग 7 से 10 प्रतिशत तक लोग इस समस्या से गुजर रहे है | व्यक्ति के शरीर में पित्ताशय की पथरी होने की असली वजह अभी तक सामने नहीं आ पायी है, लेकिन एक रिसर्च से यह पता चला है की पित्ताशय की पथरी कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से बनता है | कोलेस्ट्रॉल शरीर के अंदर पाया जाने वाला एक फैट होता है, जो कभी भी घुल नहीं सकता | 

 

पित्ताशय की पथरी एक तरह की थैली होती है, जो पित्त के रस को जमा करती है | पित्त का रस डाइजेस्टिव लिक्विड द्वारा उत्पादित एक पाचक तरल पदार्थ की तरह होता है, जो आहार वसा को तोड़ने का कार्य करता है | पित्ताशय के माध्यम से पित्त रस के कोष से पानी को तब तक निकाला जाता है, जब तक यह पानी अत्यधिक गाढ़ा न हो जाये | पित्ताशय में पथरी का निर्माण पित्ताशय में मौजूद कैल्शियम लवण, पित्त वर्णक और कोलेस्ट्रॉल से मिलकर होता है | पित्ताशय की पथरी से व्यक्ति को कई तरह के समस्याओं से सामना करना पड़ सकता है |       

 

डॉक्टर अशोक मित्तल ने यह भी बताया कि यदि पित्ताशय की पथरी आपके लिए अधिक समस्या को उत्पन्न नहीं कर रही है तो इसके उपचार की कुछ खास आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन वहीं अगर यह आपके पित्त नली में रुकावट पैदा कर रही है तो पित्ताशय की पथरी को निकालना बेहद ज़रूरी हो जाता है | 

 

इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल नामक यूट्यूब चैनल पर विजिट कर सकते है | इस चैनल पर  डॉक्टर अशोक मित्तल ने पित्ताशय की पथरी होने के कारण, लक्षण और इलाज के बारे सम्पूर्ण जानकारी पर वीडियो बना कर पोस्ट की हुई है | यदि आप भी पित्ताशय की पथरी से परेशान है और उपचार करवाना चाहते है तो इसके लिए भी आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था के पास बेहतरीन डॉक्टर्स की टीम है, जो पित्ताशय की पथरी से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते है | 

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स्तन कैंसर होने के लक्षण क्या है और यह शरीर को कैसे प्रभावित कर सकती है?

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स्तन में कैंसर तब होता है जब स्तन की कोशिकाएं उत्परिवर्तित होकर कैंसर युक्त कोशिकाओं में तब्दील हो जाती है, जो गुणा होकर ट्यूमर में परिवर्तित हो जाते है | इस कैंसर के सबसे ज़्यादा मामले उन लोगों में पाए जाते है जिन्हे जन्म के समय महिला के रूप में नामित किया गया होता है और इसके अल्वा 50 वर्ष या फिर इससे भी अधिक उम्र के लोगों को काफी प्रभावित करता है | आइये जानत है इसके मुख्या लक्षण कौन से है :- 

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर वरदान भोबे ने पाने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो के माध्यम से यह बताया कि स्तन कैंसर को आम कैंसर में से एक माना जाता है | स्तन कैंसर के लगभग 80 प्रतिशत तक के मामले काफी आक्रामक होते है, जिसकी वजह से ट्यूमर स्तन के अलावा शरीर के अन्य क्षेत्रों में भी फ़ैल सकता है | आइये जानते है स्तन कैंसर कितने प्रकार के होते है :-

स्तन कैंसर कितने प्रकार के होते है ?

स्तन कैंसर के प्रकार और उपप्रकार स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा ही निर्धारित किया जाता है, ताकि वह उपचार को जितना हो सके उतना प्रभावी बना सके और साथ ही दुष्प्रभावों को कम से कम करने के लिए संभावित उपचार कर सके | आइये जानते है ऐसे ही सामान्य कैंसर के प्रकारों के बारे में :- 

  • इनवेसिव डक्टल कार्सिनोमा (आईडीसी) 
  • लोब्यूलर ब्रैस्ट कैंसर
  • डक्टल कार्सिनोमा इन सीटू (डीसीआईएस ) 
  • ट्रिपल-नेगेटिव स्तन कैंसर (टीएनबीसी) 
  • इंफ्लेमेटरी ब्रैस्ट कैंसर (आईबीसी ) 
  • स्तन का पेजेट रोग 

यह स्तन कैंसर के उपप्रकार भी शामिल है :-  

  • ई.आर-पॉजिटिव (ई.आर.+)
  • पीआर-पॉजिटिव (पी.आर.+)
  • एचआर-पॉजिटिव (एच.आर.+)
  • एचआर-नेगेटिव (एच.आर.-) 
  • हर 2-पॉजिटिव (HER2+)

स्तन कैंसर के मुख्य लक्षण कौन से है ? 

यह स्थिति आपके शरीर में विभिन्न तरीकों से प्रभावित करती है | स्तन कैंसर से जुड़े कुछ लक्षण ऐसे भी होते है जो बहुत ही अलग होते है | स्तन कैंसर के मुख्य लक्षण है :- 

  • स्तन के आकार में परिवर्तन आना 
  • एक पिंड या गांठ का उत्पन्न होना, जो मंतर के डेन जैसे हो सकती है | 
  • आपके स्तन के आसपास या फिर उसके बगल में  गांठ या फिर मोटापन आना | 
  • स्तन के निप्पल वाली त्वचा पर के रंग-रूप में बदलाव आ जाना
  • आपके त्वचा के निचले हिस्से में संगमरमर जैसे सख्त क्षेत्र का उजागर होना | 
  • स्तन के निप्पल से खून के धब्बे या फिर साफ़ तरल पदार्थ का लीकेज होना | 
  • स्तन की त्वचा पर गड्ढे या फिर जलन होना | आदि 

अब यह सवाल आता है की इसका इलाज कैसे किया जा सके? इसके उपचार के लिए आपको डॉक्टर के पास ही जाना पड़ेगा, वही समस्या को कम करने में मदद कर सकते है | इसके लिए आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से भी परामर्श कर सकते है, यहाँ के डॉक्टर वरदान भोबे लप्रोस्कोपिक सर्जरी में एक्सपर्ट्स  है और इस समस्या को कम करने में आपकी मदद कर सकते है |

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Prostate Diseases

प्रोस्टेट कैंसर होने के क्या लक्षण है ? जाइये एक्सपर्ट्स से कैसे करे उपचार

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प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों  के प्रोस्टेट में होने वाला कैंसर होता है | यह पुरुषों में पाए जाने वाले अखरोट के आकार का एक छोटी-सी  ग्रंथि होती है जो वीर्य द्रव्य का पैदावार करती है और शुक्राणु को पोषण और परिवहन प्रदान करने कार्य करती है | प्रोस्टेट कैंसर पुरुषो में होने वाले आम कैंसर में से एक होता है | कई प्रोस्टेट ऐसे भी होते है जो धीरे-धीरे बढ़ाते ही रहते है और कई बस प्रोस्टेट तक ही सिमिते रह जाते है, जहाँ वह कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचाते | 

 

जो प्रोस्टेट धीरे-धीरे बढ़ रहे होते है, उन्हें कम से कम या फिर कोई भी उपचार की आवशयकता नहीं होती, लेकिन जो अन्य प्रकार आक्रामक होते है, उनके तेज़ी से फैलने का खतरा होता है | यदि प्रोस्टेट कैंसर का सही समय पर पता चल जाये और साथ ही वह ग्रंथि तक सिमित हो तो इसके सफल उपचार होने की संभावना सबसे अधिक होती है | आइये जानते है इसके लक्षण के बारे में:- 

 

आर स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक यूट्यूब शॉर्ट्स के द्वारा यह बताया कि प्रोस्टेट कैंसर शुरुआती चरणों में किसी भी तरह के लक्षण और किसी भी तरह के संकेत दिखाई नहीं देता | ज्यादा उन्नत के कारण प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण और संकेत उत्पन्न होने की संभावना हो सकती है जो की निम्नलिखित है :- 

 

  • पेशाब करने में दिक्क़तों का सामना करना 
  • पेशाब में रक्त का आना 
  • हड्डी में दर्द होना 
  • वजन का अचानक कम हो जाना
  • स्तंभन का दोष होना 
  • पेशाब की धारा में बल का कम होना 
  • वीर्य में रक्त का आना 

 

यदि आपको लगातार ऊपर बताए गए लक्षण और संकेत दिखाई दे रहे है तो बेहतर है की आप किसी अच्छे चिकित्सक के पास जाकर इस समस्या का अच्छे से निरीक्षण कराएं, ताकि समय रहते इस समस्या से आप छुटकारा पा सके | इसके लिए आप आर स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल  से परामर्श कर सकते है | इनके पास रेडियोलाजिस्ट और उरोलोजिस्त से एक्सपर्ट्स की बेहतरीन टीम जो आपको इस समस्या से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद करेंगे | 

  

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hernia treatment Hindi

हर्निया क्या होती है और इसके लक्षण कौन-कौन से है ?

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हर्निया आमतौर पर पेट या फिर कमर में हो सकता  है | जब पेट के अंदरूनी कमजोर भाग में छेद करके एक अंग उभरकर बहार आता है तो उसे हर्निया कहा जाता है | यह समस्या जन्मजात से भी हो सकती है या फिर समय के साथ यह पेट की कमजोर दीवार में या परत में विकसित हो सकती है | हर्निया के उभरने से उसमे मौजूद रक्तवाहिकाओं पर काफी दबाव पड़ता है | कुछ परिस्थितियां ऐसी भी होती है जिससे खून की सप्लाई रुक जाती है और यह आपातकालीन स्थिति भी बन जाती है क्योंकि ऊतक को खून के मध्याम से मिलने वाली ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है | 

 

हर्निया की पहचान और लक्षण कौन से है ? 

हर्निया का एक आम लक्षण है प्रभावित क्षेत्र में एक उभार या गांठ बन जाना |  उदाहरण के तौर पर इनगुइनल हर्निया जो आपके जांघ की हड्डी के तरफ एक गांठ दिख सकती है, जहाँ आपके जननांग क्षेत्र और जांघ का मिलाप होता है | जान आप लेटते हो तब आपको यह लगता है की यह गांठ गायब हो गया है और जब वही आप खड़े होते हो, झुकते या खांसते हो तो स्पर्श करने पर यह अधिक महसूस होती ह और इसके आस-पास के क्षेत्र में दर्द भी होने लगता है | 

कई मामले ऐसे भी होते है जिसमे हर्निया के कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है | कई बार यह भी होता है की जब आप एक नियमित शारीरिक या असंबधित मेडिकल परीक्षण करवाते हो तब आपको इस समस्या के बारे पता लगता है |  

 

हर्निया होने के कारण क्या है ? 

आमतौर पर हर्निया मासपेशियां की कमज़ोरी या फिर त्वं दोनों के संयोजन से होती है | मांसपेशियों के कमज़ोर होने के निम्नलिखित कारण है :- 

  • बढ़ रही उम्र 
  • लम्बे समय से चल रहे खांसी समस्या से ग्रसित होना
  • चोट और सर्जरी से बना घाव 
  • गर्भ के समय शिशु के पेट की परत का सही तरह से विकसित न होना | 

 

हर्निया से पीड़ित रोगी को उपचार की आवश्यकता है या नहीं यह उसके हर्निया के आकर या उसके गंभीरता पर ही निर्भर करता है ,यह सुझाव सिर्फ डॉक्टर ही दे सकता है क्योंकि उपचार कई प्रकार के हो सकते है जैसे दवाइयें या फिर सर्जरी आदि | इसके लिए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है |

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इन पुरुषों में बढ़ जाता है इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने की अधिक संभावना,जाने कैसे करे बचाव

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इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी स्तंभ दोष पुरुषों में पायी जाने वाली बहुत आम सी समस्या है, खासकर 40 वर्ष से अधिक आयु वाले पुरुषों के अधिक मामले सामने आये है | वैसे तो यह समस्या चिंता करने का विषय नहीं है, परंतु अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो बेहतर यही है की डॉक्टर के पास जाकर अच्छे से इलाज करवाएं |  

स्तंभ दोष समस्या तब होती है जब आप इरेक्शन प्राप्त करने में असमर्थ हो जाते है या सम्भोग के दौरान प्राप्त समय तक स्तम्भ को बरकरार रखने में असमर्थ हो जाते है | यह स्थिति तब उजागर होती है जब आप काफी तनाव, थकान या अधिक मात्रा में शराब सेवन करते  है | आइये जानते है इसके मुख्य कारण क्या है ?

  • उच्च रक्तचाप होना
  • कोलेस्ट्रॉल का लेवल हाई होना 
  • मधुमेह की समस्या 
  • डिप्रेशन या तनाव में रहना 
  • हार्मोन सम्बन्धी समस्या होना 

इरेक्टाइल डिसफंक्शन से कैसे करे बचाव?

  1. धूम्रपान सेवन छोड़ दे:- यदि आप धूम्रपान का सेवन करते  है तो, उससे छोड़ने की कोशिश करे | इससे होने वाले  हृदय एवं रकत वाहिक रोग इरेक्टाइल डिसफंक्शन को जनम दते है | 
  2. पौष्टिक आहार का सेवन करें :- इरेक्टाइल डिसफंक्शन को कम करने के लिए अपने आहार में साबुत अनाज वाले खाद पदार्थ, कम वसा वाले डेयरी, फल-हरी सब्जियां और दुबले मांस जैसे पौष्टिक आहार को शामिल करें |
  3. शारीरिक रूप से तंदुरुस्त रहे:- शारीरिक गतिविधि शरीर रक्त प्रवाह को बढ़ाने का काम करती है, जिसमे लिंग भी शामिल होता है | इसलिए रोज़ना 30 मिनट तक सैर करना चाहिए |

इस समस्या से जुड़ी कोई भी जानकारी या फिर सलाह के लिए आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी & लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल का चयन कर सकते है | इस संस्था के पास यूरोलॉजी & लेप्रोस्कोपी एक्सपर्ट्स डॉक्टर्स की बेहतरीन टीम है | 

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10 Foods For Good Prostate Health

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The prostate is a gland below the bladder, in front of the rectum, in men and people allocate male at birth. It consists of glandular tissue and connective tissues. It adds fluid to the semen, and its muscles help push semen through the urethra. Conditions that affect the prostate include cancer, prostatitis and benign prostatic hyperplasia. Eat foods that are healthy for prostate health. Visit the best urologist in Ludhiana for reliable treatment because ignoring some issues can prove costly. 

10 Great Foods For Prostate Health

  1. Tomatoes: Tomatoes contain lycopene, an antioxidant that is useful to prostate cells. Cooked tomatoes, including grilled tomatoes, tomato juice and tomato soup, are beneficial as they contain higher levels of lycopene than their uncooked counterparts.
  2. Berries: Berries, including strawberries, blueberries, and raspberries, are rich in antioxidants that can help protect prostate cells from damage. Including berries in your diet can improve prostate health and overall health.
  3. Green Tea: Tea leaves are rich in antioxidants and may be less likely than other men to develop prostate cancer. Lycopene has also been related to a reduced risk of developing type 2 diabetes.
  4. Fatty Fish: Eating fatty fish just once a week could reduce the risk of slowing the development of prostate tumors, even halt any cancer present from advancing, and reduce the risk of an enlarged prostate. In addition to salmon, sardines and trout are also excellent sources of omega-3 acids.
  5. Pumpkin Seeds: Normal prostate function relies on zinc levels. For this, a handful of pumpkin seeds 1-3 times a week can improve prostate health. Pumpkin seeds contain phytosterol and other vitamins; they are protective compounds that may be responsible for reducing prostate enlargement.
  6. Nuts: Nuts are also full of healthy fats and contain trace minerals and fibers that can promote prostate health. Nuts such as almonds and walnuts are rich in vitamin E and calcium are known to prevent prostate cancer. 
  7. Garlic: Garlic has anti-cancer, anti-inflammatory, and antioxidant effects. Owing to these effects, garlic and its preparations have been used to treat prostate cancer and relieve BPH symptoms for decades.
  8. Turmeric: Turmeric and its curcumin extract may help prevent or treat prostate cancer. The warm, bitter spice contains anti-cancerous properties that may stop the growth and development of cancerous cells.
  9. Legumes: Legumes include beans, peanuts, and lentils. Legumes contain plant compounds called phytoestrogens. These are compounds that may help stop tumor growth in the prostate.
  10. Vegetables: A varied diet rich in fruits, vegetables, and healthy fats may support prostate health, slow prostate growth, and reduce the risk of developing prostate cancer.

Prevention Tips: 

Some of these steps include:

  • Go to the bathroom as soon as you have the urge to go. Don’t hold urine.
  • Eat well-balanced foods, maintain a healthy weight, and drink plenty of water.
  • Remember your urination habits and alert your healthcare provider if you notice symptoms.

Conclusion: 

If you notice unusual and severe bladder-related signs after surgery or infection, such as blood in urine, difficulty urination, acute pain, etc., visit Ludhiana’s best urologist. They can evaluate your condition and provide proper treatment. 

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Hindi Kidney Stones

कुल्थी के दाल से निकाला जा सकता है किडनी स्टोन, जाने कैसे करे सही तरीके से सेवन

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गुर्दो में पथरी होना आज कल के जीवनशैली में बहुत आम सी बात हो गयी है | किडनी स्टोन की समस्या बाकि गंभीर समस्याओं में से एक है  जिसमे मरीज़ को हर समय होने वाली गंभीर दर्द की शिकायत रहती है | व्यक्ति के शरीर में स्टोन किडनी और गॉल ब्लड में हो सकता है | गुर्दो में पथरी से राहत पाने के लिए आप घरेलु उपचार की मदद ले सकते है या ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है | वही घरेलु उपचार से किडनी स्टोन जैसी समस्या से रहत पाने के लिए डाइट का भी  विशेष ध्यान देना ज़रूरी होता है |  

 

गुर्दे में पथरी की समस्या से आजकल हर व्यक्ति झुज रहा है | इस समस्या का मुख्य कारण  है खराब जीवनशैली और गलत खानपान का सेवन करना |कई बार कोलेस्ट्रॉल और कैल्शियम का लेवल बढ़ने से गुर्दे में पथरी की समस्या हो सकती है । गुर्दे में पथरी का माप छोटा होता है, जिसके कारण अधिक पानी का सेवन करने से छोटे स्टोन को बाहर निकाला जा सकता है , वहीं अगर किडनी स्टोन माप में  बड़े है तो इससे पेशाब के ज़रिये बाहर निकलना संभव नहीं | गुर्दे में पथरी के कारण पेट में दर्द के साथ-साथ मरीज़ के कमर के बाये तरह के हिस्से में भी काफी दर्द होता है | 

इस समस्या से हुए दर्द या फिर छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खे अपना सकते है | जिसमे से एक है कुल्थी का दाल, जिसके सही तरीके से किये गए सेवन से  इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है | 

 

किडनी स्टोन के लिए कुलथी के दाल के क्या है लाभ 

कुल्थी की  दाल मरीज़ के शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है, खासकर किडनी स्टोन से पीड़ित मरीज़ के लिए | कुल्थी दाल के लगातार सेवन करने के कुछ ही महीनो में यह पथरी को गलाने का काम करने लग जाती है  और पेशाब के जरिये बहार निकल जाती है | अगर कुल्थी दाल के पानी को अनियमित रूप से पिया जाए तो छोटे माप के किडनी स्टोन को आसानी से निकला जाते है | 

कुल्थी की दाल से मिलने वाले पौष्टिक तत्व 

कुल्थी के दल में कई तरह के पौष्टिक तत्व मौजूद होते है जैसे की सैपोनिन, स्टेरॉएड, फ्लेवोनॉयड्स इत्यादि जो की सेहत के लिए बहुत फायदे साबित होते है | इसके अलावा  एंटी-यूरोलिथियासिस जैसे तत्व भी मौजूद होते हैं, जो पथरी  को गलाने का काम करते हैं।

कुल्थी की दाल  सेवन करने का सही तरीका

सबसे पहले थोड़ा सा कुल्थी के दाल को अच्छे  से साफ़ कर ले | फिर इस दाल को एक कप पानी में पूरी रात भीगने के लिए छोड़ दे |  सुबह उठकर इस दाल के पानी का सेवन खली पेट करे | ऐसे इस प्रक्रिया को 3-4 महीने के लिए लगातार दौहरायें | कुछ ही महीने में यह पथरी पेशाब के रस्ते बाहर निकल जाएगी | 

कुल्थी दाल के फायदे क्या है ? 

  • नियमित रूप से इस दाल का सेवन करने से हृदय रोगी के स्वास्थ्य में सुधार आ जाता है | 
  • मोटापा बढ़ने से रोकता है और मोटापा को कम करने में भी सहायक है | 
  • ब्लड शुगर के लेवल को कम करता है जिससे डायबिटीज जैसी समस्या का प्रभाव कम होता है | 
  • इसमें मौजूद फाइबर कब्ज जैसी बीमारी को कम करता है | 
  • पीरियड्स को नियमित करती है | 
  • इसके पानी के सेवन से बवासीर जैसे परेशानी से भी राहत मिलती है | 
  • पेट से जुड़ी हर परेशानी को दूर रखती है | 

कभी- कभी इस परेशानी की वजह से काफी दिक़्क़्क़तों का सामना करना पड़ जाता  है | ऐसे स्थिति में डॉक्टर के पास जाना ही बेहतर रहेगा | अगर इससे जुड़ी कोई भी सलाह लेना चाहते तो आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से ले सकते है | इस हॉस्पिटल के पास  बेहतरीन डॉक्टर्स की टीम है जो की यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी ट्रीटमेंट में एक्सपपर्ट्स है |

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Urinary Problems

पुरुषों के अंडकोष में दर्द के क्या है कारण और कैसे सहायक है इसके उपचार !

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अंडकोष या टेस्टिस किसे कहा जाता है ?

अंडकोष पुरुषों के अंदर पाया जाता है और इसी के बारे में ही हम आज के इस लेखन में बात करेंगे ;

  • अंडकोष यानी टेस्टिस पुरुषों में पायी जाने वाली एक थैली होती है। वही अंडकोष की थैली के अंदर दो अंडकोष होते हैं। अंडकोष लाखों छोटे-छोटे शुक्राणु कोशिकाएं पैदा करते हैं और उन्हें सुरक्षित रखते हैं। इसके अलावा ये टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन भी बनाते हैं, एक हार्मोन जिसके कारण पुरुषों में शुक्राणु पैदा होता है। 
  • अंडकोष यानी टेस्टिस से पुरुषों में मर्दों जैसे गुण यानि दाढ़ी, भारी आवाज, मर्दाना शरीर आदि चीजें भी विकसित होती हैं।

यदि आप अंडकोष के बारे में और अच्छे से जानना चाहते है, तो आरजी स्टोन यूरोलॉजी एन्ड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से बेस्ट यूरोलॉजिस्ट पंजाब का चुनाव करे। 

 

पुरुषों के अंडकोष में दर्द के कारण क्या है ? 

इसके निम्न कारण है जिम्मेदार ;

 

  • चोट लगने की वजह से अंडकोष में दर्द की समस्या का होना। 

 

  • अंडकोष में कोई गांठ या सूजन और दर्द की समस्या होने पर सावधान हो जाए नहीं, तो ये टेस्टिकल कैंसर का कारण बन सकती है। 

 

  • एक्सपर्ट का कहना हैं कि एक नली जो अंडकोष के पीछे होती है, उसे हम अधिवृषण कहते हैं। उसमें चोट लगने, संक्रमण होने, सेक्स से उत्पन्न होने वाले संक्रमण से इसमें जलन होती है। इसके कारण इसमें सूजन की समस्या आ जाती है। इस वजह से अंडकोष में दर्द होता है।

 

  • वैरिकोसील एक गंभीर कारण है, इससे भी टेस्टिस में होता है दर्द। 

 

  • हाइड्रोसील की वजह से टेस्टिस में दर्द का होना। 

 

  • ऑर्काइटिस में इंफेक्शन होने से अंडकोष में दर्द का होना। 

 

अंडकोष में दर्द के कारणों के बारे में यदि आपने अच्छे से जान लिया है, तो बिना देर किए मूत्र रोग विशेषज्ञ लुधियाना से संपर्क करे। 

 

अंडकोष में दर्द का उपचार ?

 

अंडकोष में दर्द के उपचारो का वर्णन हम निम्न में कर रहे है ;

 

  • यदि आपके अंडकोष में दर्द है, तो आप सपोर्टर का इस्तेमाल कर सकते है। जोकि आपको दर्द से आराम दिलवाने में काफी सहायक माना जाता है। 

 

  • यदि आपके अंडकोष में ज्यादा दर्द है, तो बर्फ के टुकड़े से आप 10 से 15 मिनट की सिंकाई कर सकते है। 

 

  • गरम पानी में नहाने से भी आपको अंडकोष में होने वाले दर्द से राहत मिलेगा। 

 

  • यौन संबंध बनाते वक़्त जो बीमारियां उत्पन होती है, उससे खुद का बचाव करने के लिए कंडोम का इस्तेमाल करे। 

 

  • इन सभी सहायक उपचारो को ध्यान में रख कर आप अंडकोष में दर्द की समस्या से निजात पा सकते है। 

 

यदि आप अंडकोष में दर्द और सूजन की समस्या से परेशान है। तो उपरोक्त उपचारो को इस्तेमाल करने के साथ ही अगर आपकी सूजन और दर्द की समस्या ज्यादा बढ़ गई है, तो आप आरजी स्टोन यूरोलॉजी एन्ड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल से भी संपर्क कर सकते है इसके इलाज के लिए। 

निष्कर्ष :

ध्यान रहे यदि आपके अंडकोष में दर्द की समस्या ज्यादा बढ़ जाए, तो उपरोक्त उपचारो के बल पर ही न बैठे, बल्कि जल्दी से डॉक्टर के सम्पर्क में जाए। क्युकि सही समय पर इस समस्या पर ध्यान न दिया गया तो यह आपकी मौ-त का कारण भी बन सकती है। उम्मीद करते है कि आज के इस लेखन में आपको पता चल गया होगा, की अंडकोष में दर्द की समस्या होने पर हम क्या करे। 

 

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Prostate Diseases

Discussion On Causes & Symptoms Of Prostate Cancer By Dr S.N Goel

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Cancer is a life-threatening disease that, if not treated on time, can cause the loss of life. The patient identified with cancer at an early age finds it a bit easier to go through the treatment than the patient who has reached the extreme stage of cancer. The cases of urological cancers have been increasing recently. Therefore, in this video, Dr S.N Goel discusses one of the types of cancer known as Prostate Cancer.

 

The prostate is a small gland the size of a walnut present below the bladder and is present in all males as it is a source of about 70% of the semen. Dr S.N Goel at RG Stone Urology & Laparoscopy explains that prostate cancer generally does not present any symptoms, and the enlargement of the prostate gland does not necessarily mean that it will turn into prostate cancer.

However, prostate cancer can show some symptoms, such as bone pain in the spine of the hip bone and several other symptoms. The condition of prostate cancer can be treated at RG Stone Urology & Laparoscopy Centre. Our staff members have years of experience in dealing with urological disorders and provide a comprehensive understanding of the procedures. Our facility is well equipped with modernised tools and devices required to meet the standards of medical care and to ensure zero error during the treatment.

Suppose you are expecting any symptoms of urological cancer. Contact RG Stone & Urological & Laparoscopy Hospital for the best quality treatment.

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