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आखिर क्या होता है किडनी डायलिसिस प्रक्रिया में? डॉक्टर से जानें, क्या ट्रांसप्लांट से एक बेहतर विकल्प होता है डायलिसिस कराना!

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किडनी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक मानी जाती है। दरअसल, किडनी को गुर्दा भी कहा जाता है, जिन का स्वस्थ होना सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। किडनी की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योकि यह हमारे शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है और हमारे खून को भी साफ़ करने में काफी ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए, इसका स्वस्थ रहना एक अच्छा जीवन जीने के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। दरअसल, किडनी में होने वाली समस्या एक व्यक्ति के काम को नहीं, बल्कि उसके पूरे जीवन को बुरी तरीके से प्रभावित करके रख देती है। अगर किडनी में होने वाली समस्याओं का वक्त पर इलाज न किया तो इससे एक व्यक्ति की जान पर भी बन सकती है। इसलिए, किडनी में होने वाली समस्याओं पर विशेष ध्यान देना और वक्त पर इलाज करवाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जब कोई व्यक्ति किडनी की बीमारी से पीड़ित होता है और उसकी किडनियां शरीर में अच्छे से से काम करना बन कर देती हैं, तो इस तरह की स्थिति में व्यक्ति कि हालत बहुत ही ज्यादा नाजुक सी हो जाती है। इस दौरान वह न तो कुछ सोच पाता है और न ही कुछ अच्छे तरीके से कर पाता है। बस इस तरह की स्थिति में वो केवल एक मरीज बन जाता है, जिस में कि उसका इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, जब मरीज की किडनियां बिल्कुल ही काम करना बंद कर देती हैं, मतलब कि फेल हो जाती है, तो इस तरह की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को डायलिसिस कराना पड़ता है। ऐसे में, बहुत से लोग जानना चाहते हैं, आखिर किडनी डायलिसिस प्रक्रिया में क्या होता है? दरअसल, डॉक्टर के अनुसार इस प्रक्रिया में सभी डॉक्टर मेडिकल मेडिकल प्रक्रिया का उपयोग करके एक नकली तरीके से शरीर के खून को उसी प्रकार साफ़ करते हैं, जिस तरह शरीर में किडनी करती है।

डायलिसिस जैसी प्रक्रिया के दौरान जहरीले पदार्थों, काफी ज्यादा पानी और कचरे को खून में से निकलकर बाहर किया जाता है। इसके बाद जब किडनी सही तरीके से काम करने लग जाती है, तो शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ अपने आप पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं। किडनी को सेहतमंद रखने के लिए नियमित जांच काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

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क्या वाकई डायलिसिस कराना ट्रांसप्लांट से बेहतर होता है?

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कम से बहुत से लोगों को इसके बारे में कंफ्यूजन रहती है, कि किडनी फेल होने पर, किडनी डायलिसिस कराना बेहतर विकल्प होता है, या फिर किडनी ट्रांसप्लांट कराना एक बेहतर विकल्प होता है। दरअसल, आपकी कंफ्यूजन को दूर करते हुए इस पर डॉक्टर का कहना है, कि इस तरह की स्थिति में यह मरीज पर निर्भर करता है, कि वह इन आखिरी पलों में किस चीज का चुनाव करता है, हालांकि उसको इस दोनों प्रक्रियाओं के बारे में बखूबी जानकारी दे दी जाती है। पर, फिर भी डॉक्टर के हिसाब से ट्रांसप्लांट कराना डायलिसिस से बेहतर होता है। क्योंकि, जब किसी मरीज का डायलिसिस किया जाता है, तो वह एक तय समय पर ही किया जाता है। इसमें व्यक्ति को अपने खाने-पीने पर महत्वपूर्ण ध्यान देने की जरूरत होती है, इसमें कई चीजों का परहेज करना होता है। जबकि कोई व्यक्ति अगर किडनी ट्रांसप्लांट करवाता है, तो इसमें ऐसा कुछ भी नहीं होता है और यह केवल एक बार की सर्जिकल प्रक्रिया होती है। इसमें, सर्जरी के बाद मरीज की जिंदगी में काफी हद तक सुधार हो जाता है। वहीं कुछ मरीज किडनी ट्रांसप्लांट कराने की बजाय अक्सर किडनी डायलिसिस करवाते हैं, क्योंकि इसमें किसी भी तरह की कोई बड़ी सर्जरी नहीं होती है और तुरंत हो जाती है, न किसी प्रकार का कोई दर्द होता है। इसके अलावा, इसमें आर्गन रिजेक्शन का खतरा भी बिल्कुल नहीं होता है। 

आखिर किन लोगों को किडनी डायलिसिस कराना पड़ता है?

दरअसल, डॉक्टर के अनुसार निम्नलिखित समस्या से पीड़ित लोगों को किडनी डायलिसिस कराना पड़ता है, जैसे 

  1. जिन लोगों की दोनों किडनियां फेल हो जाती हैं। 
  2. जिन लोगों की किडनियां सही तरीके से काम नहीं करती हैं। 
  3. जब किडनी 85 से 90 प्रतिशत तक बिल्कुल काम करना बंद कर देती है। 
  4. जिन लोगों का लास्ट स्टेज किडनी डिजीज होता है। 
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किडनी फेल होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं? 

दरअसल, डॉक्टर के अनुसार किडनी फेल होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें से कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे 

  1. अनियंत्रित डायबिटीज की समस्या होना। 
  2. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना। 
  3. किडनी में गंभीर इंफेक्शन की समस्या होना। 
  4. किडनी में अचानक गंभीर चोट लगना। 
  5. पथरी से रुकावट और पॉलीसिस्टिक किडनी जैसी जन्मजात बीमारियां होना। 

हालांकि, बिना किसी बड़ी बीमारी के भी कुछ लोग किडनी से जुड़ी तरह -तरह की समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। 

क्या किडनी डायलिसिस करना एक बहुत ही ज्यादा गंभीर स्थिति होती है?

दरअसल, हम में से बहुत से लोगों का यह मानना है, कि किडनी डायलिसिस करना एक बहुत ही ज्यादा गंभीर स्थिति होती है, जिसमें काफी ज्यादा दर्द होता है। पर, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। डॉक्टर के अनुसार, किडनी डायलिसिस करना किसी भी तरह की कोई सर्जिकल प्रक्रिया नहीं होती है। पर, अगर आपके डॉक्टर ने डायलिसिस कराने के लिए बोला है, तो आपको इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, बल्कि इसे उतनी ही गंभीरता से लेना चाहिए, जितना कि आप अपनी जिंदगी को लेते हैं। ध्यान रहे, इसे शुरू न करना, अपनी मर्जी से कभी करवाना और कभी नहीं करवाना आपकी जिंदगी के लिए बहुत ही ज्यादा भारी पड़ सकता है। अगर आप ऐसा करते हैं, तो इससे आपके खून में टॉक्सिन जमा हो सकते हैं और यूरीमिया जैसी जीवन घातक स्थिति का निर्माण कर सकते हैं। अगर पीड़ित व्यक्ति का इलाज न करवाया जाये, तो किडनी फेल्योर की स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

डायलिसिस कितने प्रकार का होता है?

आम तौर पर, डायलिसिस मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है, जैसे 

  1. हेमोडायलिसिस। 
  2. पेरिटोनियल डायलिसिस। 

निष्कर्ष: किडनी से जुड़ी समस्या लोगों को इतना ज्यादा परेशान कर देती है, कि उसके मरने जैसी हालत हो जाती है। किडनी की बीमारी के दौरान एक व्यक्ति की किडनियां अच्छे तरीके से काम करना बंद कर देती हैं, जिससे व्यक्ति मौत के मुँह में चला जाता है। इस बीमारी से अपने जीवन को बचाने के लिए इस लेख में हमने आपको किडनी डायलिसिस की प्रक्रिया और किडनी डायलिसिस के बारे में जानकारी दी है। यह भी बताया गया है, कि इन प्रक्रियाओं में क्या होता है। डॉक्टर के हिसाब से ट्रांसप्लांट कराना डायलिसिस से बेहतर होता है। पर, फिर भी किडनी ट्रांसप्लांट कराने की बजाय कुछ मरीज अक्सर किडनी डायलिसिस करवाते हैं, क्योंकि इसमें किसी भी तरह की कोई बड़ी सर्जरी नहीं होती है। ऐसे में, मरीज पर भी निर्भर करता है, कि वो किस ऑप्शन का चुनाव करता है। दोनों में मरीज की जान बचाई जा सकती है। किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या में आपको देर नहीं करनी चाहिए, बल्कि आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही आरजी स्टोन यूरोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपी अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. किडनी को स्वस्थ रखने के लिए किन चीजों का सेवन किया जा सकता है?

दरअसल, अगर आप अपनी किडनी को सेहतमंद रखना चाहते हैं, तो इसके लिए आप रोजाना संतुलित आहार का सेवन, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन और ज्यादा नमक या फिर ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन बहुत ही कम मात्रा में कर सकते हैं। यह किडनी की सेहत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। 

प्रश्न 2. क्या पथरी की समस्या में व्यक्ति की जान भी जा सकती है?

दरअसल, ऐसा कहना गलत नहीं हो सकता है, कि हाँ पथरी की समस्या में व्यक्ति जान जा सकती है, पर बहुत ही कम मामलों में ऐसा देखने को मिलता है। पर, आपको बता दें, कि ऐसा तब होता है, जब व्यक्ति अपनी पथरी का इलाज सही समय पर और अच्छे तरीके से देखभाल नहीं करता है। ऐसे में, महत्वपूर्ण रूप से आपको बता दें, कि इस तरह की स्थिति में पथरी खुद जानलेवा नहीं बनती है, पर इस समस्या के कारण व्यक्ति को होने वाली जटिलताएं जान जाने का कारण बन सकती हैं। इसलिए, शरीर से जुड़ी हर समस्या में सावधान होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।

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